कपूरथला में ढिलवां के आरके ढाबे की सीलिंग और भवन निर्माण पर कार्रवाई
कपूरथला के ढिलवां कस्बे में जिला परिषद के कांग्रेस उम्मीदवार चेतन कुमार के आरके ढाबे को नगर पंचायत ढिलवां ने अवैध निर्माण के आरोप में सील कर दिया है। समय रहते ढाबे के कुछ हिस्से को ट्रैक्टर की मदद से गिराया गया। मंगलवार दोपहर ढिलवां नगर पंचायत के ईओ रणदीप सिंह वड़ैच, मेयर-ईओ गगनदीप सिंह, पुलिस अधिकारी अभिनव और ढिलवां थाना बल मौके पर मौजूद थे। नोटिसों के बार-बार दिये जाने के बाद भी ढाबे पर ध्यान नहीं दिया गया, इस कारण कार्रवाई की गई। ढाबे के तीन हॉलों के दरवाजे सील कर दिए गए थे और भवन अवैध निर्माण माना गया।
परिस्थितिजन्य राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और चुनावी संदर्भ
इस कार्रवाई को लेकर भुलत्थ के विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग को पत्र लिख कर आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी और पुलिस सत्ता के इशारे पर शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। खैहरा ने इसे आदर्श आचार संहिता का बड़ा उल्लंघन बताया, जिसका उद्देश्य पंजाब के ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनावों में कांग्रेस उम्मीदवारों को डराना-धमकाना है।
खैहरा ने कहा कि ढिलवां के ईओ रणदीप वड़ैच ने आगाह नहीं मानने पर यह कदम उठाया, क्योंकि उन्हें मौजूदा चुनाव के दौरान एसईसी पंजाब ने एआरओ भुलत्थ की ड्यूटी से भी हटाया था। उन्होंने कहा कि जिस हिस्से को गिराया गया और जिन्हें सील किया गया, वह कांग्रेस उम्मीदवार चेतन कुमार की प्रॉपर्टी का हिस्सा है, जिससे चुनाव पर सीधा असर पड़ रहा है।
आरोप-प्रत्यारोप, नोटिस और कानून-व्यवस्था की स्थिति
ईओ रणदीप सिंह वड़ैच ने कहा कि नगर पंचायत ने 4 नोटिस और स्वयं उन्होंने 2 नोटिस भेजे थे। उनका कहना है कि न तो ढाबा का CLU हुआ और न ही भवन पर हाईटेंशन तार गुजर रहे थे; बनता अवैध निर्माण है। Municipal Act की धारा 220 के अंतर्गत 24 घंटे के भीतर कार्रवाई जरूरी बताई गई थी। उन्होंने कहा कि माता- पिता जैसी बातें नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया से निरस्त किया गया था।
एडीसी-विकास वरिंदपाल सिंह बाजवा ने कहा कि वह मतगणना की तैयारी में व्यस्त हैं और मामले पर आगे जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, पर वे पता करके जांच कराएंगे। ईओ ने चेतावनी दी कि यदि ढाबा मालिक द्वारा सील तोड़ी जाती है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चुनावी निष्कर्ष और आगे की मांगें
कुल मिलाकर यह घटना प्रदेश के चुनाव वातावरण के बीच सामने आई है। विधायक खैहरा ने ईओ के ट्रांसफर की मांग की है और आरोप लगाया है कि भेदभावपूर्ण कार्रवाई जारी है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से संपुष्टि मांगी है कि ऐसी कार्रवाइयों से बचा जाए और फ्री, फेयर और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित हों। साथ ही, भुलत्थ के ब्लाक-स्तर के कुछ उम्मीदवारों के खिलाफ एफआईआर और नामजदगी से जुड़ी घटनाओं पर भी चिंता जताई गई है।
इस मुद्दे पर दृष्टिकोण स्पष्ट करने के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक स्रोत देखें: पंजाब निर्वाचन आयोग और चुनाव आयोग ऑफ इंडिया. यह सुनिश्चित करेगा कि पंजाब में चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहे, जिससे मतदाता जैसा चाहे, वैसा निर्णय कर सके।