खालिस्तान मुद्दे के बाद कनाडा-भारत संबंध और व्यापार की दिशा
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद कनाडा-भारत संबंधों में दरार आ गई थी. कनाडा अब व्यापारिक रिश्ते बहाल करने को तैयार दिखाई देता है. ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी इस संदर्भ में भारत दौरे पर आ रहे हैं. यह दौरा 12 जनवरी से 17 जनवरी तक चलेगा और एक व्यापार मिशन के तौर पर है. प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ और बेंगलुरु जाएगा. वे भारत सरकार के अधिकारियों और उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात करेंगे. इस पहल का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत बनाना है. अधिक जानकारी के लिए देखें कनाडा-भारत व्यापार संबंध.
बीसी में खालिस्तान समर्थकों की आवाज और आशंकाएं
ब्रिटिश कोलंबिया में रहने वाले खालिस्तान समर्थकों की आवाज तेज है. वे भारत के साथ व्यापार के खिलाफ मुखर विरोध कर रहे हैं. गुरुद्वारा कम्युनिटी के सचिव भूपिंदर सिंह होथी ने विरोध स्पष्ट किया. उनका कहना है कि बीसी के नेता व्यापार निर्णय से सिख समुदाय के हित नजरअंदाज कर रहे हैं. कनाडा के सिख व्यवसाय इस मोड़ पर खतरे में माने जा रहे हैं. वे आर्थिक विविधीकरण के साथ अन्य देशों से भी कारोबार की बातचीत चाहते हैं. उन्हें डर है कि भारत के साथ संबंध सुधरें तो खालिस्तानी एजेंडा कमजोर पड़ सकता है. और भी जानकारी BC सरकार के आधिकारिक पन्नों पर देखें British Columbia Government.
खालिस्तान समर्थकों की धारणा पर प्रतिक्रिया
गुरुद्वारा परिषद के Mohinder Singh ने कहा कि वे ऐसे लोगों से भी हाथ मिलाने के लिए तैयार हैं जिनके कदम विवादित हैं. उनका कहना है कि अभी ठोस प्रमाण सामने नहीं आए हैं. अगर हम आर्थिक विविधीकरण के संदर्भ में देखें, तो भारत के अलावा कई देश विकल्प हैं. वे बताते हैं कि भारत के साथ व्यापार बढ़ाने से खालिस्तानी एजेंडा पर रोक लग सकती है. इसलिए वे अन्य मार्गों पर भी विचार कर रहे हैं. कनाडा-भारत व्यापार पर व्यापक दृष्टिकोण रखना जरूरी है.
आगे की राह: भारत दौरे की भूमिका और संभावनाएं
12 से 17 जनवरी तक का भारत दौरा एक स्पष्ट व्यापार मिशन है. बीसी के अधिकारी, उद्योग प्रमुख और दलाल इस यात्रा में शामिल होंगे. नई दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ और बेंगलुरु में समझौते और निवेश पर चर्चा होगी. सरकारें बताती हैं कि द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि संभव है. यह कदम कनाडा-भारत व्यापार संबन्धों के लिए अहम संकेत माने जा रहे हैं. इससे स्थानीय उद्योगों को नई राह मिल सकती है. अधिक संदर्भ के लिए पाठक नीचे दिए गए स्रोत भी देख सकते हैं.