लुधियाना में खालिस्तानी चिंताएं: दो सदस्य गिरफ्तार
लुधियाना पुलिस ने खालिस्तान कमांडो फोर्स के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों सरकारी दफ्तरों की रेकी कर रहे थे और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। यह जानकारी सूबे के डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने बताया कि खुफिया सूचना मिलने के बाद SSOC, SAS नगर ने काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना के साथ मिलकर मामले की जांच शुरू की। आरोपियों के कब्जे से 9 एमएम पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी विदेशी हैंडलों से निर्देशित थे और कट्टरपंथी उग्र विचारधारा से जुड़े थे। यूके और जर्मनी के हैंडलरों से उनके संपर्क की पुष्टि भी की गई है। वे इन निर्देशों के तहत लुधियाना के सरकारी और प्रमुख कार्यालयों की रेकी कर रहे थे, ताकि ग्राउंड वर्क पूरा कर साजिश को अंजाम दिया जा सके।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि उन्हें कुछ खास व्यक्तियों की जानकारी जुटाने और जमीन पर निगरानी देने के लिए कहा गया था। इन लोगों ने अपने आकाओं को सूचना देनी थी और उसी आधार पर ग्राउंड वर्क करना था। पुलिस ने एफआईआर SSOC, SAS नगर में दर्ज की है और मामले की आगे की विस्तृत 보चना जारी है।
पुलिस ने कहा कि अभी तक किन–किन संदिग्ध संबंधों की जांच होनी है, यह स्पष्ट नहीं है और कई पहलुओं पर गहन जाँच चल रही है। आरोपियों के अन्य संपर्क और किस-किस जगह पर उनका नेटवर्क है, यह भी खंगाला जा रहा है।
सुरक्षा बढ़ाने की पृष्ठभूमि और अंर्तक्रिया
गौरतलब है कि शहर में आतंकी हमले की धमकी मिलने के बाद अगस्त 2024 से सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। कई सरकारी दफ्तरों के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ी। सूत्रों के अनुसार, ईमेल या फोन के जरिए शहर के सरकारी भवनों को निशाना बनाने की धमकियाँ भी मिलती रहीं, जिसे बाद में पुलिस ने स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से रोकने की कोशिश की।
जागरूकता और सतर्कता के चलते धारा-144 जैसे कदम भी उठाए गए और अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा जवानों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित की गई। अगस्त 2024 से जगराओं ब्रिज, पोस्ट ऑफिस, बीएसएनएल बिल्डिंग, डीआईजी कोठी, सर्किट हाउस, थाने के डिपार्टमेंट, और अन्य महत्वपूर्ण जगहों के बाहर कड़ी निगरानी बनी रही। कई स्थानों पर सुरक्षा के लिए वॉच टावर और एलिवेटेड रोड जैसी व्यवस्था भी अपनाई गईं।
आखिरकार यह मामला SSOC, SAS नगर में दर्ज किया गया है और जांच जारी है। पुलिस टीम ने आगे की कार्रवाई के लिए सुराग जुटाने, संदिग्ध लिंक तोड़ने और योजनाबद्ध हमले के पीछे के नेटवर्क को उजागर करने पर जोर दिया है। कोर टीम लंबी जांच और Legal formalities के साथ घटनाक्रम की पुष्टि कर रही है। अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक स्रोतों पर देखें:
पुलिस के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें: पंजाब पुलिस आधिकारिक वेबसाइट। बाहरी खबरों के संदर्भ के लिए Reuters की ताज़ा रिपोर्ट भी देखें।
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