लुधियाना: खंडहरों में चिट्टा-सिरिंज का वीडियो वायरल, इलाके में दहशत

स्थिति का संक्षेप

भले पंजाब पुलिस नशे के विरुद्ध अभियान चला रही हो, पर नशे का जाल गांव-गलियों तक फैल गया है. लुधियाना में हर क्षेत्र में चिट्टा पहुंच रहा है, युवाओं के लिए खतरा बना हुआ है. ताजपुर रोड से नया वीडियो सामने आया है, जहां खुलेआम नशे के दृश्य दिखते हैं. यह क्लिप शहर की नशे के कारोबार पर सवाल खड़े करती है. वीडियो में दिखे घटनाक्रम से एक बड़ा सवाल उभरता है कि सप्लाई कहां से आती है. वीडियो बनाने वाले ने कहा कि वह कई बार मौके पर आ चुका है. गंदे नाले के पास एक जगह है, जो चिट्टे के गढ़ की झलक दिखाती है. नशे की सप्लाई के स्रोत अब तक स्पष्ट नहीं हो पाए. स्थानीय लोगों ने भी नशे के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई है. सरकार ने रोकथाम के लिए फौरन कदम उठाने की मांग तेज की है.

वीडियो से सामने आई तस्वीरें

वीडियो में एक महिला और एक युवक खुलेआम चिट्टा इंजेक्शन लगाते दिखते हैं. वीडियो रिकॉर्ड करने वाले ने सिरिंज उठाकर कैमरे के सामने पेश किया. उसने कहा कि नशेड़ियों को निजी जगहों में इंजेक्शन दिए जाते थे. वीडियो में एक जगह गंदी नालों के पास दिखी, जहां रोज़ लोग जमा होते हैं. नशे की सप्लाई कहाँ से होती है, यह अभी भी अनसुलझा है. युवक ने कहा कि लुधियाना अब महानगर नहीं, चिट्टे का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. यह स्पष्ट संकेत हैं कि नशे के कारोबार के जड़ टिके हुए हैं. घटना बनाम सत्य पर बहस तेज है. स्थानीय प्रशासन से और जवाब मांगा जा रहा है.

पुलिस का दावा बनाम तस्वीरें

इंचार्ज सुखविंदर सिंह ने दावा किया कि क्षेत्र में चिट्टा सेवन नहीं होता. उन्होंने कहा कि पुलिस रोज गश्त करती है और कई अपराधी जेल गए हैं. लेकिन वीडियो के सामने आने पर बयान इन दावों से मेल नहीं खाते. वीडियो में दिखी तस्वीरें पुलिस के दावे के विपरीत प्रतीत होती हैं. इस वीडियो ने क्षेत्रीय नियंत्रण और निगरानी की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए. पुलिस ने सत्यापन के लिए घटनास्थल पर और कार्रवाइयों का संकेत भी दिया. समाज के दबाव से अपराधी भी भाग सकते हैं, पर यह प्रतिक्रियाशील हो नहीं चाहिए. स्कूल- कॉलेजों में निगरानी और बच्चों को व्यसन रोकथाम के तरीके सिखाने होंगे.

आगे की राह और समाजिक प्रभाव

यह मामला पंजाब के लिए खतरा बनकर उभरा है, जहां युवाओं पर नशे की लत गहराती जा रही है. नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य के लिए कड़ी रोकथाम जरूरी है. सरकार स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर नशे के उपचार कार्यक्रम और जागरूकता आगे बढ़ाए. वीडियो जैसे प्रमाण मिलने पर त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई जरूरी है. स्थानीय निकाय, स्कूल और परिवार प्रत्येक स्तर पर रोकथाम शिक्षा बढ़ाएं. अधिक जानकारी के लिए देखें: NCB. और स्थानीय खबर कवरेज के लिए देखें: Punjab drug menace coverage. नशे की ओर भागना युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाता है. पंचायती स्तर पर सहायता समूह और उपचार केंद्र भी बढ़ाने होंगे. कुल मिलाकर यह तस्वीर पंजाब के नशा-खतरे से जूदित एक चेतावनी है.

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