राष्ट्रीय युवा दिवस: लक्ष्य तक रुकेंगे नहीं!

आज पूरा देश राष्ट्रीय युवा दिवस मना रहा है। इस वर्ष की थीम ‘लक्ष्य तक रुकेंगे नहीं’ युवाओं को उनकी असीमित क्षमता और संकल्प शक्ति की याद दिलाती है। स्वामी विवेकानंद का मानना था कि दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति आत्मविश्वास और एकाग्रता है।

स्वामी विवेकानंद के विचार  उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत  आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से बदलती दुनिया में युवाओं को कौशल विकास, नवाचार और नैतिक मूल्यों को अपनाकर आगे बढ़ना होगा। राष्ट्रीय युवा दिवस इसी सोच को मजबूत करता है।

कार्यक्रमों के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप, खेल और सामाजिक सेवा में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। युवाओं को यह संदेश दिया गया कि वे असफलताओं से घबराएं नहीं, बल्कि उन्हें सीख के रूप में स्वीकार करें। डिजिटल युग में तकनीक के सही उपयोग और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष चर्चा हुई।

सरकारी स्तर पर भी युवाओं के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाना, कौशल प्रशिक्षण देना और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है। युवाओं से अपील की गई कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।

राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह संकल्प का दिन है अपने लक्ष्य तय करने, कड़ी मेहनत करने और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का। यह दिन युवाओं को याद दिलाता है कि उनकी ऊर्जा, सोच और कर्म ही देश का भविष्य तय करेंगे।

देशभर में आयोजन

दिल्ली से लेकर कन्याकुमारी तक आज विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और नेहरू युवा केंद्रों में ‘युवा संसद’ और ‘मैराथन’ का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं के भीतर छिपी नेतृत्व क्षमता (Leadership) को निखारना है।