पठानकोट नगर निगम चुनाव: पुरानी वार्डबंदी पर होगा मतदान
पठानकोट में नगर निगम चुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने अहम आदेश दिया है। अदालत ने फैसला सुनाया कि चुनाव पुरानी वार्डबंदी के आधार पर ही होंगे। नई वार्ड सीमाओं के नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी गई है। इससे शहर की राजनीति में नया मोड़ आया है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं
हाईकोर्ट के फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। भाजपा और कांग्रेस ने इस निर्णय का स्वागत किया है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि यह फैसला चुनाव परिणाम को प्रभावित नहीं करेगा। पार्टी नेता विभूती शर्मा ने विपक्ष पर बेवजह हलचल मचाने का आरोप लगाया।
भाजपा नेता ने कहा- लोकतंत्र के लिए अच्छा फैसला
भाजपा के पूर्व मेयर अनिल वासुदेवा ने इस फैसले को लोकतंत्र के हित में बताया। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने इस निर्णय को अपनी पार्टी की बड़ी जीत भी कहा। वार्डबंदी को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता अब खत्म हो गई है।
कांग्रेस ने आप पर लगाया हथकंडे का आरोप
कांग्रेस नेता व मौजूदा मेयर पन्ना लाल भाटिया ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार का हथकंडा काम नहीं आया। कांग्रेस फिर से बहुमत से नगर निगम पर काबिज होगी। उन्होंने दावा किया कि जनता आगामी चुनाव में आप को जवाब देगी।
विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?
2021 के नगर निगम चुनाव पुरानी वार्डबंदी पर हुए थे। पिछले दिसंबर में नई वार्डबंदी का ड्राफ्ट जारी किया गया। इसमें वार्ड सीमाओं और आरक्षण में बदलाव किया गया। विपक्ष ने इसे राजनीतिक फायदे के लिए बताया। मामला हाईकोर्ट पहुंचा और अब पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी गई है। भारत सरकार की नगर निगम नीतियों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
चुनावी तैयारियां होंगी तेज
हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद अब चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति बना रहे हैं। पुराने वार्डों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। स्थानीय निवासियों की निगाहें अब निकाय चुनावों पर टिकी हैं। यह फैसला शहर के राजनीतिक भविष्य के लिए अहम साबित होगा। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर चुनाव प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध है।
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