चंडीगढ़, 23 जनवरी । पंजाब सरकार द्वारा राज्य के सभी परिवारों को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस मेडिकल कवर देने की घोषणा के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भाजपा नेता अरविंद खन्ना ने सरकार से सवाल किया है कि इतनी बड़ी स्वास्थ्य योजना को लागू करने के लिए कुल कितना बजट आवंटित किया गया है और क्या यह राशि वास्तव में योजना के दायरे के अनुरूप है।
खन्ना का कहना है कि यदि राज्य के लाखों परिवारों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जाना है, तो इसके लिए हजारों करोड़ रुपये की जरूरत होगी। उन्होंने मांग की कि सरकार बजट का स्पष्ट और सार्वजनिक विवरण दे, ताकि जनता को यह पता चल सके कि योजना वास्तविक है या केवल घोषणा तक सीमित है।
वहीं, पंजाब सरकार का कहना है कि यह योजना मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लाई गई है, जिसका उद्देश्य हर नागरिक को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार, राज्य बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अलग से प्रावधान किए गए हैं और योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। वित्त विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025–26 के बजट में स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च बढ़ाया गया है, जिसमें बीमा आधारित स्वास्थ्य कवर भी शामिल है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो यह गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। हालांकि, वे यह भी कहते हैं कि बजट, अस्पतालों की क्षमता और बीमा भुगतान प्रणाली पर पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
फिलहाल, अरविंद खन्ना के सवाल के बाद सरकार पर दबाव बढ़ गया है कि वह 10 लाख के मेडिकल कवर के लिए सटीक बजट आंकड़े सामने रखे और योजना के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट करे।