चंडीगढ़, 06 फ़रवरी । पंजाब में किसानों ने अब पानी की रक्षा के लिए आंदोलन का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को पंजाब के प्रमुख किसान संगठनों ने अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब में नतमस्तक होकर पंजाब के जल संसाधनों की रक्षा के लिए अरदास की और संघर्ष का बिगुल फूंका।
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल, हरजिंदर सिंह लखोवाल ने कहा कि पंजाब आज जिस गंभीर स्थिति से गुजर रहा है, उसके लिए गैर-संवैधानिक समझौते और गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अब भी पंजाब के लोग नहीं जागे, तो आने वाली पीढिय़ों को बीमारियों और बंजर होती जमीन की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
बलवीर सिंह राजेवाल ने आरोप लगाया कि 1948 से अब तक केंद्र सरकारों के दबाव में ऐसे समझौते कराए गए, जिन्हें कभी भी पंजाब विधानसभा की मंजूरी नहीं मिली। किसान नेताओं का दावा है कि अब तक राजस्थान को लगभग साढ़े 16 लाख करोड़ रुपये मूल्य का पानी मुफ्त दिया जा चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजस्थान इस पानी को उद्योगों और रिफाइनरियों को बेचकर मुनाफा कमा रहा है, तो पंजाब को उसकी रॉयल्टी क्यों नहीं मिल रही।
किसान नेताओं ने कहा कि औद्योगिक इकाइयां भूजल को जहरीला बना रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार पंजाब में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और यदि हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले चार वर्षों में हर घर प्रभावित होगा। किसान संगठनों ने ऐलान किया कि जागो पंजाब अभियान के तहत गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और मार्च के अंत में एक विशाल रैली करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी पर मालिकाना हक और रॉयल्टी के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।