पिथौरागढ़ में 8 नवंबर से तीन दिवसीय जोहार महोत्सव का आयोजन

पिथौरागढ़, 7 नवंबर। उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में तीन दिवसीय जोहार महोत्सव 8 नवंबर से शुरू होगा। यह महोत्सव चीन सीमा से सटी मिलम घाटी की समृद्ध जोहार संस्कृति को समर्पित है और क्षेत्र की परंपराओं, लोककलाओं व हस्तशिल्प को व्यापक मंच प्रदान करेगा।

जोहार महोत्सव का उद्देश्य

महोत्सव के आयोजक एवं जोहार समिति के अध्यक्ष ने बताया कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्र की जोहार संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत

महोत्सव का शुभारंभ 8 नवंबर को दोपहर 1 बजे एक पारंपरिक सांस्कृतिक जुलूस के साथ होगा। स्थानीय कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में जोहार की लोकधुनों पर प्रस्तुति देंगे।

मुख्य आकर्षण

महोत्सव के दौरान पर्यटक और स्थानीय नागरिक पर्वतीय क्षेत्रों की जड़ी-बूटियाँ, औषधियाँ, हस्तशिल्प, पारंपरिक कला और लोक संस्कृति का अनोखा संगम देख सकेंगे। यह आयोजन न केवल स्थानीय नागरिकों बल्कि पूरे कुमाऊँ क्षेत्र के संस्कृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।

पर्यटन और संस्कृति का संवर्धन

तीन दिनों तक चलने वाला यह उत्सव पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय कला के संरक्षण और सीमांत संस्कृति के प्रचार का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।