भास्कर न्यूज | अमृतसर। पंजाब रोडवेज के अनियमित कर्मचारियों का आक्रोश सड़क पर उतर आया है। गोलबाग स्थित बस वर्कशॉप डिपो के गेट पर शुक्रवार को पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया।
क्या हैं मुख्य मांगें?
प्रदर्शनकारियों ने तत्काल तीन मांगें रखीं। पहली, गिरफ्तार साथियों की तुरंत रिहाई। दूसरी, बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली। तीसरी, किलोमीटर स्कीम के तहत चल रही निजी बसों को रद्द किया जाए। उन्होंने निजीकरण के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
नेताओं ने दी चेतावनी
यूनियन नेता हीरा सिंह और युगराज सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, वे राजनीतिक रैलियों का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने की भी मांग की। पंजाब परिवहन विभाग की नीतियों पर सवाल उठाया गया।
पिछला विवाद और गिरफ्तारियां
नेताओं ने बताया कि 27-28 फरवरी की रात कई यूनियन प्रधानों को गिरफ्तार किया गया। इसके विरोध में कई डिपो बंद हो गए। करीब 20 कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया। कई पर धारा 307 जैसे गंभीर मामले दर्ज किए गए। इसी के विरोध में यह गेट रैली आयोजित की गई।
कर्मचारियों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है। शनिवार को परिवहन सचिव के साथ बैठक होनी है। यदि कोई समाधान नहीं निकला तो 9 मार्च से कड़ी कार्रवाई शुरू होगी। पंजाब के 27 डिपो में चरणबद्ध हड़ताल की योजना है। इससे बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
पंजाब में श्रमिक अशांति की और खबरों के लिए आप दैनिक भास्कर की वेबसाइट देख सकते हैं। परिवहन विभाग की नीतियों पर अधिक जानकारी के लिए पंजाब परिवहन विभाग का पोर्टल भी देखें।
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