पंजाब में AI जंग: AAP, कांग्रेस और SAD पर आरोप

पंजाब विधानसभा चुनाव के बीच AI वीडियो वार की गूंज

पंजाब में चुनाव एक साल दूर होने के बावजूद राजनीतिक तल्खी तेज हो चली है। नेता अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनी video से टकराव का बाज़ार chaud कर रहे हैं। एक तरफ आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल मैदान में हैं, दूसरी तरफ ये तीनों दल AI वीडियो से हमला कर रहे हैं। शुरुआती उकसावा अकाली दल से माना गया, पर अब सभी दल सक्रिय हो चुके हैं। सोशल मीडिया पर पॉलिटिकल AI वीडियो वॉर तेज हो गया है और अभद्र शब्दों के प्रयोग की शिकायत भी है। यह टेक्नोलॉजी चुनाव प्रचार के ढांचे को नया मोड़ दे सकती है।

AAP का AI पेज और सोशल मीडिया का प्रभाव

एगले AI-आधारित प्रचार के तहत AAP ने इंस्टाग्राम पर एक पेज “AAP Punjab AI” बना दिया है। पेज के प्रोफाइल पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर है। यहां की रीलें AAP के ऑफिशियल अकाउंट्स पर भी पोस्ट होती हैं। इस खाते पर कुल 23 वीडियो अपलोड हो चुके हैं। इनमें 16 वीडियो सीधे शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल को निशाने पर लेते हैं। दो वीडियो AAP सरकार की प्रशंसा करते दिखते हैं। कुछ क्लिपों में कांग्रेस के नेताओं को भी दिखाया गया है। पहला वीडियो 15 दिसंबर को पोस्ट हुआ और 21 दिसंबर से रोज़ पोस्टिंग शुरू हो गई है।

नए साल पर AI वीडियो का दौर

नए साल के मौके पर AAP ने four leaders के AI-वीडियो जारी किए। इनमें चरणजीत सिंह चन्नी, राजा वड़िंग, सुखबीर बादल और भगवंत मान दिखते हैं। एक एंकर पूछता है कि मेहमान नए साल में क्या करेंगे। चन्नी कहता है कि मुझे बकरी का दूध निकालना आता है, मैंने रिक्शा चलाया है। वह बताता है कि इन चार पाँच चीज़ों को सीखना है और राजनीति में भरोसा कम होता है। राजा वड़िंग कहता है कि कभी-कभी कुर्ता-पजामा सिलवाएंगे, लेकिन दर्जी से नहीं। सुखबीर बादल पर नया साल खर्च कम रखने की बात है। अंत में भगवंत मान कहते हैं कि पंजाब की फिक्र सभी से ज़्यादा मुझे करनी है।

शिअद और कांग्रेस का जवाब: CM मान पर AI से बदला अंदाज़

शिअद ने भी CM मान पर आधारित एक AI वीडियो जारी किया। इसमें कहा गया कि किसे-किसने उन्हें “भंड” कहा, किसने झंडा अमली कहा, और किसने शराबी मुख्यमंत्री कहा ये सब कथित शब्द क्लिप में आते हैं। वीडियो में कहा गया, पंजाब से नहीं पर शराब, शबाब और सत्ता से प्रेम है। जो कोई पंजाब की बात करेगा, उनके खिलाफ पर्चे तैयार रहेंगे। इसके जवाब में कांग्रेस ने भी CM मान पर AI वीडियो जारी किया। एक एंकर सवाल करता है कि नया एजेंडा क्या है, तो हर अनुपात में कहा गया कि विज्ञापन कम करूँगा और चुटकुले नहीं सुनाऊंगा। चार साल से वही एजेंडा चल रहा है, यह भी प्रमुख संदेश है।

क्या AI वीडियो प्रचार से चुनावी मैदान बदलेगा?

AI वीडियो प्रचार से चुनावी वातावरण पर असर बढ़ता नजर आ रहा है। ऐसी सामग्री से सूचना का सत्यापन कठिन हो सकता है, और भ्रम फैल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह ध्रुवीकरण बढ़ा सकता है और मतदाताओं के निर्णय पर असर डालेगा। चुनाव आयोग और सोशल मीडिया कंपनियों के लिये स्पष्ट guidelines और लेबलिंग जरूरी है। जनता को सही जानकारी तक पहुंचाने के लिये डिजिटल साक्षरता भी बढ़ानी चाहिए। इस तरह के टूल्स के जिम्मेदार इस्तेमाल से चुनाव की निष्पक्षता बनी रह सकती है।

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