पंजाब में तनाव: मंत्री ईटीओ के लिए ‘बैंड बजाने’ की टिप्पणी पर विवाद
पंजाब की राजनीति गर्मा गई है। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के लिए ‘बैंड बजाने’ वाली टिप्पणी की थी। इस पर आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने बाजवा को 24 घंटे में माफी मांगने को कहा है। चीमा ने साफ कहा कि ऐसी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री चीमा ने उठाए चार बड़े सवाल
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस मामले में चार मुख्य बिंदु रखे। पहला, उन्होंने ईटीओ के संघर्ष को रेखांकित किया। चीमा ने कहा कि ईटीओ ने गरीबी से उठकर मेहनत से मुकाम हासिल किया। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की और ईटीओ बने। समाज सेवा के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ी। फिर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और मंत्री बने।
दलित समुदाय के प्रति अपमानजनक भाषा का आरोप
दूसरा, चीमा ने कांग्रेस पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी दलित मंत्रियों को निशाना बना रही है। तीसरा, उन्होंने जाति के नाम पर टिप्पणी करने की निंदा की। चीमा ने इसे दलित भाईचारे का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि मेहनतकश लोगों को हतोत्साहित करना गलत है।
बाजवा के विवादित बयान की गूंज
यह विवाद जंडियाला गुरु में एक रैली के दौरान शुरू हुआ। प्रताप सिंह बाजवा ने वहां आपत्तिजनक बयान दिए थे। उन्होंने कहा था कि ईटीओ पहले बैंड बजाता था। अब उसने पंजाब का बैंड बजाना शुरू कर दिया है। बाजवा ने भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि वह ईटीओ का ‘बैंड बजाएंगे’। पंजाब सरकार के मंत्रियों ने इस बयान की कड़ी निंदा की है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आगे की राह
मंत्री चीमा ने सार्वजनिक रैलियों में दलितों के अपमान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब के कई विधायक विनम्र पृष्ठभूमि से आते हैं। गरीब परिवारों के बच्चों को जाति के आधार पर बेइज्जत करना गलत है। चीमा ने बाजवा और कांग्रेस को 24 घंटे में माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। यह विवाद पंजाब राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दलित राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
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