पंजाब के इतिहास में दी गई अब तक की सबसे अधिक नौकरियां हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा,
पुलिस, बिजली, स्वास्थ्य और स्थानीय निकायों सहित
प्रमुख क्षेत्रों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए सरकार ने पक्षपात की
पुरानी परंपराओं से दूरी बनाई है और अब आम नागरिकों को बिना रिश्वत या सिफारिश के
नौकरियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब में चार सालों में 65,264 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में 16,308 नौकरियां, पंजाब
पुलिस में 12,966
नौकरियां, बिजली विभाग में 8,765 नौकरियां, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और मेडिकल
शिक्षा में 16,320
तथा स्थानीय निकाय विभाग में 5,771
लोगों को नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने
आगे कहा कि इससे राज्य में युवाओं की विदेशों की ओर पलायन की प्रवृत्ति पर रोक लगी
है और पंजाब के हर गांव, कस्बे
और शहर के युवाओं को इन नौकरियों का लाभ हुआ है। भर्ती
में पारदर्शिता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सभी
नौकरियां बिना किसी रिश्वत या पक्षपात के केवल मेरिट और योग्यता के आधार पर दी गई
हैं। कोई पेपर लीक नहीं हुआ और न ही किसी भर्ती को अदालत में चुनौती दी गई है।
उन्होंने
आगे कहा कि कई उम्मीदवारों को तो अलग-अलग विभागों में कई-कई बार नौकरियां भी मिली
हैं और इनमें से अधिकांश युवा ये नौकरियां लेने के लिए विदेशों से लौटकर वापस आए
हैं। उन्होंने
कहा कि पहले अदालतों में चुनौती के चलते भर्ती प्रक्रियाओं में देरी होना आम बात
थी, जिसके चलते अक्सर कई
उम्मीदवारों की उम्र निर्धारित सीमा को पार कर जाती थी। अब युवा आईईएलटीएस सेंटर्स
में जाने की बजाय सरकारी नौकरियों की तैयारी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री
भगवंत सिंह मान ने कहा कि 1,799
स्वरोजगार कैंपों ने 1,99,000
युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण हासिल करने में मदद की और 6,724 प्लेसमेंट कैंपों तथा नौकरी मेलों ने
लाखों युवाओं को रोजगार हासिल करने में मदद की। उन्होंने
आगे कहा कि 11
प्रशिक्षण केंद्रों का आधुनिकीकरण करने के साथ-साथ तीन नए कैंप स्थापित किए गए हैं
और 36,342 युवाओं को फौज,
जल सेना, वायु सेना और अर्धसैनिक बलों में भर्ती
के लिए प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें
से 5,509 भर्ती हो चुके हैं।
रक्षा
प्रशिक्षण संस्थानों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह
आर्म्ड फोर्सेज़ प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट ने 218 लड़कों को प्रशिक्षण दिया है, जिनमें से 106 एनडीए और अन्य अकादमियों के लिए चयनित
हुए हैं तथा 85
कमीशंड अधिकारी बन चुके हैं। वहीं माई भागो आर्म्ड फोर्सेज़ प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट
ने 199 लड़कियों को
प्रशिक्षण दिया है, जिनमें
से 24 कमीशंड अधिकारी बन
चुकी हैं। उन्होंने कहा कि होशियारपुर में जल्द ही एक नया इंस्टीट्यूट शुरू किया
जाएगा।