पंजाब में पैंग्यो टेक्नो वैली: मोहाली की नई टेक नीति
पंजाब के मोहाली में जल्द पैंग्यो टेक्नो वैली स्थापित होगी। यह साउथ कोरिया की सिलीकॉन वैली जैसा बड़ा टेक हब होगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वैली साइट का दौरा किया और तंत्र समझा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे। 2 मिनट 39 सेकंड का वीडियो जारी कर मान ने यह बात साझा की। वीडियो में मान ने चार महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए। उनका कहना था कि मोहाली में ऐसा प्रयास पंजाब की कौशल नीति को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार निर्माण और स्टार्टअप इकोसिस्टम तेज होगा। यह कदम पंजाब की आर्थिक दिशा बदलेगा और क्षेत्रीय विकास को गति देगा।
पांग्यो टेक्नो वैली की संरचना और अवसर
पांग्यो टेक्नो वैली एक यूनिवर्सिटी-जैसी व्यवस्था है जो स्टार्टअप को मौका देती है। यह जगह वैश्विक कंपनियों के लिए इनोवेशन का केंद्र बनती है। यहां लगभग 83 हजार छात्र और कर्मचारी सक्रिय रहते हैं। अब तक 1,178 कंपनियां यहां से उद्यमिता शुरू कर चुकी हैं। जैसे-जैसे कंपनियाँ बढ़ती हैं, उन्हें सेकेंड और थर्ड फ्लोर पर निजी कार्यालय मिलते हैं। 2025 तक इन कंपनियों की संयुक्त आय लगभग 165 अरब डॉलर बताई गई है। यह वैश्विक स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाता है और निवेश का चक्र तेज करता है। यहाँ रिसर्च और डेटा सेंटर सहित सुविधाओं पर जोर है। कुल मिलाकर यह टेक्नोलॉजी-एन्फ्रास्ट्रक्चर युवाओं के लिए अवसरों की खिड़की खोलता है।
सरकार-समर्थित यूनिवर्सिटी मॉडल और पंजाब की योजना
सरकार की ओर से प्रशासनिक समर्थन के साथ यह यूनिवर्सिटी मॉडल तैयार किया जा रहा है। इसमें रिसर्च, डेटा सेंटर और स्टार्टअप फंडिंग के लिए विशेष प्लान होंगे। ऐसे मॉडल से पंजाब के युवा अपने विचार साझा कर पूरी दुनिया में पहुंच सकेंगे। इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निवेशक और पार्टनर यहां बैठकर सहयोग दे सकेंगे। यह सिलिकॉन वैली-स्टाइल हब पंजाब में टेक्नोलॉजी डिलीवरी को बढ़ावा देगा। पंजाब सरकार और डेलिगेशन के बीच संवाद निरंतर बना हुआ है। डेलिगेशन के नाम टैग होने जैसी बातों से प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनी रहेगी। स्टार्टअप नेटवर्किंग के लिए यहाँ कई मंच तैयार किए जा रहे हैं। यह मॉडल पंजाब के वेब-आउटपुट और रिसर्च-कैपेसिटी बढ़ाएगा।
आगे के कदम और पंजाब के मौके
यह परियोजना 167 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में विकसित होगी। जगह पर्याप्त है, पर विचार-प्रेरणा की कमी नहीं है। पंजाब के युवाओं को नए अवसर, कौशल प्रशिक्षण और वैश्विक नेटवर्क मिलेगा। निवेशक और उद्योग साझेदार यहाँ आकर फंडिंग देंगे और सहयोग बढ़ाएंगे। यह कदम स्थानीय विश्वविद्यालयों और उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी बनाएगा। इसके साथ टेक्नोलॉजी-पर्यटन जैसी पहल भी उभरेंगी और रोजगार बढ़ेंगे। मोहाली को एक प्रमुख टेक-हब के रूप में पहचान मिल सकती है। प्रदेश सरकार की यह पहल युवाओं के लिए रोजगार सुरक्षा और विकास का रास्ता है।
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