रेलवे पेंशन अदालत का आयोजन 15 दिसंबर को

रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनधारकों से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 15 दिसंबर को रेलवे पेंशन अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस पेंशन अदालत में पेंशन, पारिवारिक पेंशन, ग्रेच्युटी, एरियर, मेडिकल सुविधाओं और अन्य सेवा लाभों से संबंधित मामलों की सुनवाई की जाएगी।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, पेंशन अदालत का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके वैधानिक अधिकारों का लाभ समय पर और बिना अनावश्यक देरी के मिले। पेंशन अदालत में संबंधित शाखाओं के अधिकारी मौजूद रहेंगे, जो मौके पर ही मामलों की जांच कर समाधान का प्रयास करेंगे। जिन प्रकरणों का तत्काल निस्तारण संभव होगा, उन्हें उसी दिन हल किया जाएगा, जबकि जटिल मामलों के लिए समय-सीमा तय की जाएगी।

रेलवे बोर्ड समय-समय पर इस तरह की पेंशन अदालतों के आयोजन के निर्देश देता रहा है, ताकि पेंशनधारकों को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और उनकी शिकायतें एक ही मंच पर सुनी जा सकें। पेंशन अदालत में भाग लेने के लिए पेंशनधारकों को अपने संबंधित दस्तावेज जैसे पीपीओ (PPO), पहचान पत्र, बैंक विवरण और शिकायत से जुड़े कागजात साथ लाने की सलाह दी गई है।

रेलवे अधिकारियों ने अपील की है कि अधिक से अधिक पेंशनधारक इस अवसर का लाभ उठाएं और अपनी समस्याओं को निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करें। इससे न केवल शिकायतों का शीघ्र समाधान होगा, बल्कि रेलवे पेंशन प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा भी बढ़ेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि पेंशन अदालत जैसी पहलें सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करती हैं और प्रशासन व पेंशनधारकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करती हैं।