पंजाब चुनाव: कांग्रेस बनाम अकाली दल
पंजाब राजनीति में नया बयान सामने आया है. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वड़िंग ने सुखबीर बादल को चुनौती दी. यह बात गिद्दड़बाहा सीट से चुनाव लड़ने के संदर्भ में है. उन्होंने कहा, गिद्दड़बाहा आओ, एक ही सीट पर मुकाबला करो. डराने की राजनीति नहीं चलेगी; यह सही नहीं. हम गिद्दड़बाहा के मरजीवड़े हैं, उन्होंने साफ कहा. यदि आप चुनाव लड़ना चाहें, तो साफ़ और स्पष्ट तरीके से लड़ें. यह नहीं कि मैं कई सीटों से लड़ूं. जलालाबाद से, बठिंडा से, या अन्य जगह से भी. आर-पार जैसी बात राजनीति में नहीं चलेगी. नए चुनावी दौर में स्पष्ट फैसले जरूरी हैं. अधिक जानकारी के लिए देखें Hindustan Times.
सुखबीर बादल पर नेताओं की टिप्पणी
राजा वड़िंग ने सुखबीर जी की इज्जत के विषय में बात की. उन्होंने कहा, सुखबीर बादल की सफेद दाढ़ी और गुरुद्वारा पहनावा सम्मान के काबिल हैं. वे कहते हैं, सुखबीर आज भी अधिक बोलते हैं; यह आदत सुधारनी चाहिए. बयानबाजी पर उनका कहना है कि कम बोलना चाहिए. अकसर लोग कहते हैं कि सुखबीर डर से नहीं बोलते. कल गिद्दड़बाहा में मीटिंग के मौके पर यह संदेश मिला.
माघी मेले, SGPC और राजनीतिक मानदंड
उन्होंने माघी मेले पर राजनीतिक सम्मेलन के बारे में सरकार की नीति पर सवाल उठाए. SGPC ने कहा था कि शहादतों पर राजनीति नहीं करें. फतेहगढ़ साहिब में कॉन्फ्रेंस रोक दी गई थी. वे आरोप लगाते हैं कि कुछ नेता बिना नियम के काम कर लेते हैं. तनख्वाह मिलने से पहले वे कहते थे कि वे लड़ेंगे, फिर नहीं लड़े. अब तनख्वाह से बाहर आए, तो चुनाव की राह बताते हैं. माल के बिना पार्टी नहीं चलेगी, ऐसा उनका तर्क है.
भविष्य की राह और संकल्प
राजा वड़िंग ने अकाली दल के मेच्योर नेता बनने की बात दोहराई. कहा, मालिकाना हक और संसाधन से ही पार्टी मजबूत होती है. गिद्दड़बाहा सभा में उन्होंने सवाल उठाए, पर जनता को उनके दावों की सचाई देखनी चाहिए. वे साफ कहते हैं कि पिता की निंदा से दूरी बनाए रखना चाहिए; मैं अपने पिता पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं बोलूँगा. मनरेगा वर्करों की स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए; वे इस मुद्दे पर चुप नहीं रहेंगे. अधिक जानकारी के लिए देखें NDTV Punjab coverage.
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