जयपुर, 19 मार्च । राज्य सरकार ने संपर्क पोर्टल पर दर्ज आमजन की शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। अब पोर्टल पर दर्ज असंतुष्ट परिवादों की व्यक्तिगत समीक्षा विभागों के सचिवों और जिला कलेक्टरों द्वारा की जाएगी। इस संबंध में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सभी प्रशासनिक सचिवों और जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार सरकार का उद्देश्य शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है, ताकि आमजन को समय पर संतोषजनक समाधान मिल सके। नई व्यवस्था के तहत सभी विभागों के सचिव अब स्वयं संपर्क पोर्टल पर दर्ज असंतुष्ट शिकायतों की समीक्षा करेंगे। उन्हें प्रतिदिन कम से कम 10 शिकायतों का सत्यापन अनिवार्य रूप से करना होगा। इसके अलावा हर माह सचिव स्तर के अधिकारी संपर्क केंद्र का दौरा कर 200 से 250 असंतुष्ट परिवादों की व्यक्तिगत समीक्षा करेंगे।
साथ ही वे मुख्यालय, जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को हर माह तीन से पांच शिकायतें सौंपकर उनकी प्रगति की निगरानी भी करेंगे, जिससे जिम्मेदारी तय हो सके।
मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टरों को भी असंतुष्ट शिकायतों के समाधान के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्हें हर माह की सात तारीख तक 500 असंतुष्ट परिवादों की पहचान कर सात से 15 तारीख के बीच संबंधित अधिकारियों द्वारा परिवादियों से व्यक्तिगत संपर्क करने के अलावा तथ्य सत्यापन, वीडियो साक्ष्य और दस्तावेजों के साथ विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
इसके बाद यह रिपोर्ट हर माह 15 से 20 तारीख के बीच जन अभियोग निराकरण विभाग को भेजी जाएगी।
सरकार द्वारा तैयार इस नई व्यवस्था में न केवल शिकायतों के समाधान पर फोकस किया गया है, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। विभाग स्तर पर रिपोर्ट का विश्लेषण कर मासिक प्रतिवेदन में शामिल किया जाएगा, जिससे सुधार की दिशा तय की जा सके।