जयपुर, 09 जनवरी । राइजिंग राजस्थान समिट 2024 में हुए समझौते अब केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे ज़मीन पर उतरते दिखाई दे रहे हैं। समिट के दौरान जिन निवेश प्रस्तावों पर एमओयू साइन किए गए थे, उनमें से कई पर काम शुरू हो चुका है। इससे राज्य में निवेश को लेकर उद्योग जगत का भरोसा और मजबूत हुआ है।
राज्य सरकार की सक्रिय भूमिका और तेज़ प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते निवेशकों को परियोजनाओं के लिए ज़मीन आवंटन, अनुमतियां और आधारभूत सुविधाएं समय पर मिल रही हैं। इससे उद्योगों को काम शुरू करने में आसानी हो रही है। सरकार का कहना है कि निवेशकों से किए गए वादों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।
समिट के बाद विभिन्न सेक्टरों जैसे उद्योग, ऊर्जा, पर्यटन, आईटी, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश परियोजनाओं पर काम तेज़ हुआ है। कई कंपनियों ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, जबकि कुछ ने स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी है।
निवेशकों का मानना है कि राजस्थान में अब नीतिगत स्थिरता, बेहतर कानून व्यवस्था और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर मिल रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम और सरकार की निगरानी व्यवस्था ने निवेश प्रक्रिया को सरल बनाया है। यही कारण है कि नए निवेशक भी राज्य की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
सरकार का दावा है कि आने वाले महीनों में और भी एमओयू को अमल में लाया जाएगा। इससे न केवल आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि राइजिंग राजस्थान समिट 2024 राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी।