जयपुर, 10 अप्रैल । राजस्थान उच्च न्यायालय ने फर्जी एफआईआर बनाकर एक करोड रुपये की वसूली से जुडे मामले में आरोपित आरपीएस रितेश पटेल और सह आरोपित इरफान खान को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस प्रवीर भटनागर ने यह आदेश दोनों आरोपितों की ओर से दायर जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए दिए।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपित रितेश ट्रायल पूरी होने तक हर माह की 25 तारीख को संबंधित थाने में हाजिरी देंगे। वहीं थानाधिकारी हाजिरी दर्ज कर उसे उसी दिन अदालत में भेजेंगे।
जमानत याचिकाओं में कहा गया कि उन्हें प्रकरण में झूठा फंसाया गया है। वे करीब तीन माह से जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ आरोप पत्र पेश हो चुका है। ऐसे में उसे जमानत दी जाए। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील विजय सिंह और पीडित पक्ष के वकील विभूति भूषण शर्मा ने कहा की आरोपित रितेश आरपीएस अधिकारी है और उसने एसओजी की फर्जी एफआईआर बनाकर एक करोड रुपए हडपने की कोशिश की। इसके अलावा उसके खिलाफ अन्य प्रकरण भी दर्ज हुए थे। ऐसे में उसे जमानत नहीं दी जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपितों को सशर्त जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि रितेश पर आरोप है कि बजरी से जुडे मामले में एपीओ रहने के दौरान एक फर्जी एफआईआर तैयार कर पीडित को डरा धमकाकर एक करोड रुपये मांगे थे। पीडित की शिकायत पर महेश नगर थाना पुलिस ने गत 31 दिसंबर की रात आरोपित को गिरफ्तार किया था।