आचार्य पंडित योगेश शर्मा ने कहा कि श्रीमदभागवत भगवान श्रीकृष्ण का ही स्वरूप है। जो भक्ति, ज्ञान वैराग्य की परिस्थापना के लिए स्वयं परमात्मा ही इस स्वरूप में प्रकट हुए हैं। ये भगवान का वांग्मय स्वरूप है। उन्होंने कहा कि संपूर्णवेद शास्त्रों का सार सर्वस्व श्रीमद भागवत कथा का फल सतसंग के रूप में ग्रहण कर रहे हैं, ये मनुष्य जीवन का सर्वोच्च व्यासपीठ से सभी सनातनाविलंबि लोगों के कल्याण के लिए प्राथर्ना करते हैं । हम सब लागों की चितवृति उत्तरोतर परमात्मा के चरणों में लगे और जीवन को सफल बनाएं। एक सप्ताह तक चलने वाले इस पावन श्रीमद भागवत कथा महोत्सव में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। आयोजन की सफलता के लिए रूपेश्वरी शर्मा के परिवाजनों, नाते-रिश्तेदारों के अलावा बेटियों रश्मि शर्मा, सीमा और दामाद डा. अनिल शर्मा भी सहयोग कर रहे हैं।
रूपेश्वरी शर्मा ने बताया कि श्रीमद भागवत कथा महोत्सव का समापन्न मंगलवार 11 नंवबर को पूर्णाहुति के साथ होगा।