स्पीकर संधवां का स्पष्ट समर्थन और बयान
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने वायरल वीडियो मामले में जालंधर पुलिस द्वारा दर्ज FIR का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कानून के दायरे में है और शांति बनाए रखने के लिए जरूरी कदम है। संवेदनशील वीडियो से अव्यवस्था फैलने की आशंका हो, तो पुलिस को कार्रवाई का अधिकार है। उन्होंने कहा कि इसपर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। पंजाब पुलिस ने अपने अधिकार के दायरे में यह कदम उठाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है।
दिल्ली बनाम पंजाब: संवैधानिक दायरे पर स्पष्टीकरण
फरीदकोट दौरे के अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए संधवां ने स्थिति स्पष्ट की। वीडियो पहले से सार्वजनिक डोमेन में था, यह उनका पहला निष्कर्ष था। उन्होंने तर्क दिया कि दिल्ली विधानसभा ने वीडियो को अपने रिकॉर्ड से नहीं हटाया, इसलिए इसे Breach of Privilege नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा का पंजाब पुलिस को तलब करने का अधिकार नहीं बनता। पंजाब पुलिस अपने संवैधानिक अधिकारों के दायरे में यह कार्रवाई कर रही है। संस्थागत मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं को एक-दूसरे के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए पंजाब पुलिस और दिल्ली विधानसभा देखें।
संस्थागत मर्यादा और कानून के शासन का संदेश
स्पीकर ने संस्थागत मर्यादा के महत्व पर जोर दिया ताकि दायरे स्पष्ट रहें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और पुलिस कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्ध हैं। जनता की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और यही उद्देश्य है। वीडियो की तथ्यात्मकता सार्वजनिक रूप से मौजूद है, फिर भी शांति बनाए रखना जरूरी है। संवेदनशील सामग्री पर सर्तकता बरतना विधायिका और प्रशासन दोनों के लिए लाभकारी है। उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था के लिए त्वरित कार्रवाई जरूरी है। इस पर निष्पक्ष जाँच और उचित संविधानिक प्रक्रिया चाहिए।
आगे की राह: सुरक्षा, संवेदनशीलता और साझा जिम्मेदारी
कानून के शासन की दिशा में यह बयान एक मजबूत संकेत माना जा रहा है। आम जनता भी यही चाहती है कि कानून व्यवस्था टिकाऊ और निष्पक्ष हो। पंजाब पुलिस की व्याख्या में विश्वसनीयता बढ़ी है क्योंकि कदम वैधानिक थे। दिल्ली विधानसभा और पंजाब पुलिस के बीच संवाद बनाए रखना ज़रूरी है। दिल्ली विधानसभा के रिकॉर्ड में वीडियो पर विचार-वैकल्पिक स्पष्टीकरण साझा रह सकता है। आपसी सम्मान से संस्थाओं के अधिकार सुरक्षित रहेंगे और टकराव नहीं बढ़ेगा। अब सरकारें और पुलिस जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देकर साथ चलेंगी। सामान्य नागरिकों को भरोसा है कि कानून समान रूप से प्रभावी लागू होगा।
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