Shimla Ropeway Project: 13.79 KM लंबाई, 6.109 हेक्टेयर वन भूमि का इस्तेमाल

राजधानी शिमला में प्रस्तावित रोपवे परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इस परियोजना के तहत 6.109 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग किया जाएगा। रोपवे की कुल लंबाई 13.79 किलोमीटर निर्धारित की गई है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य शिमला शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और पर्यटकों को सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। पहाड़ी शहर होने के कारण शिमला में सड़क यातायात पर अत्यधिक दबाव रहता है, जिससे जाम की समस्या आम हो गई है।

 परियोजना की मुख्य विशेषताएं

  • कुल रोपवे लंबाई: 13.79 किलोमीटर

  • उपयोग में आने वाली वन भूमि: 6.109 हेक्टेयर

  • आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीक का उपयोग

  • शहर के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने की योजना

प्रशासन के अनुसार, रोपवे परियोजना से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे यात्रा समय कम होगा और वाहनों की संख्या घटने से प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।

वन भूमि के उपयोग को लेकर पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जाएगा। संबंधित विभागों ने स्पष्ट किया है कि परियोजना के दौरान वन संरक्षण नियमों और पर्यावरणीय शर्तों का सख्ती से पालन किया जाएगा। प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक प्रतिपूरक वनीकरण भी किया जाएगा।

पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि रोपवे शुरू होने से शिमला की पर्यटन क्षमता में इजाफा होगा। इससे शहर की छवि एक आधुनिक और स्मार्ट पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगी।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि परियोजना से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण और संचालन के दौरान स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है।

शिमला रोपवे परियोजना को शहर के दीर्घकालिक यातायात समाधान के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इसके निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।