हिंदी गजल को नए आयाम पर ले जाने वाले कवि दुष्यंत कुमार का मुरादाबाद से रहा गहरा नाता

मुरादाबाद, 29 दिसम्बर । किसी रेल सी गुजरती है, मैं किसी पुल सा थरथराता हूं. जैसी…