पंजाब के लुधियाना में आज भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव Tarun Chugh पहुंच रहे हैं. वे शहर के भाजपा नेताओं के साथ चर्चा करेंगे. विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिला भाजपा और देहाती भाजपा अब सक्रिय मोड में हैं. ग्राउंड लेवल पर तैयारियों की समीक्षा वे करेंगे. उनके निजी प्रोग्राम भी निर्धारित हैं.
लुधियाना में बैठक और विधानसभा चुनाव की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक भाजपा जल्द नया जिला प्रधान घोषित करने वाली है. पद के लिए कई नेताओं ने दावेदारी थामी है. शहर और आसपास के जिलों में यह चर्चा तेज है. इस बदलाव से चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है. मौजूदा हालात पर Tarun Chugh की समीक्षा खास मायने रखती है.
भाजपा के भीतर Tarun Chugh का राजनीतिक सफर रोशनी से भरा रहा है. यह बात समकालीन राजनीति पर असर डालती है. उन्होंने आरएसएस से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. विद्यार्थी परिषद से राजनीति में कदम बढ़ाया. अमृतसर में पोलिंग बूथ एजेंट के रूप में उनका नाम बना. 1992 में वह BJYM अमृतसर जिला अध्यक्ष बने. 1996 में पंजाब युवा मोर्चा महासचिव बने. 2000 में पंजाब भाजपा राज्य सचिव के रूप में सेवा दी. 2005 में राज्य प्रशिक्षण सेल का अध्यक्ष चुने गए. 2009 में पंजाब युवा विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष बने. 2014 में अमित शाह की टीम में वे राष्ट्रीय मंत्री बने. अंडमान-निकोबार का प्रभार भी मिला. 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के संयोजक बने. सितम्बर 2022 तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और तेलंगाना के प्रभारी रहे. साथ ही भाजपा युवा मोर्चा का राष्ट्रीय प्रभारी भी बने. 2024 में अनुसूचित जाति मोर्चा का राष्ट्रीय प्रभारी भी बनाया गया.
Tarun Chugh के स्तंभित राजनीतिक प्रभाव
ये कदम Tarun Chugh के नेतृत्व क्षमता की पहचान कराते हैं. उनकी आरएसएस पृष्ठभूमि उन्हें मजबूत संगठनात्मक तंत्र देती है. वे मोदी और शाह के साथ चुनावी रणनीतियों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं. पंजाब के भीतर उनके अनुभव से.localized राजनीतिक सेटअप प्रभावित होता है. आने वाले विधानसभा चुनावों में Tarun Chugh की भूमिका और भी अधिक महत्त्वपूर्ण हो सकती है. यह बदलाव स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने का संकेत देता है. और अधिक जानकारी के लिए देखें BJP Official Site.
Tarun Chugh के बारे में विस्तृत पृष्ठभूमि के लिए देखें Tarun Chugh – Wikipedia.
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