पंजाब: छात्रों पर ब्लेड से जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हिंसक घटनाएं समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और इन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
क्या था मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना कुछ वर्ष पहले उस समय हुई थी, जब छात्र अपने शिक्षण संस्थान से बाहर निकल रहे थे। तभी दो युवकों ने पुरानी रंजिश के चलते छात्रों पर ब्लेड से हमला कर दिया। हमले में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
अदालत में क्या हुआ
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुलिस जांच को अदालत के सामने पेश किया। अदालत ने माना कि आरोपियों ने जानबूझकर घातक हथियार का इस्तेमाल किया और छात्रों की जान को गंभीर खतरे में डाला। इसी आधार पर दोनों को दोषी ठहराया गया।
सजा पर अदालत की टिप्पणी
सजा सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि युवा वर्ग के बीच बढ़ती हिंसा चिंता का विषय है। शिक्षा के मंदिरों के आसपास इस तरह के हमले समाज में भय का माहौल पैदा करते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं में नरमी दिखाना गलत संदेश देगा।
मुआवजा और अन्य निर्देश
कोर्ट ने सजा के साथ-साथ पीड़ित छात्रों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। साथ ही जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि दोषियों की सजा कानून के अनुसार सुनिश्चित की जाए।
समाज के लिए संदेश
इस फैसले को कानून व्यवस्था और छात्र सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय भविष्य में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद करेगा।