समावेशी विकास व वैश्विक प्रतिस्पर्धा को एआई में नवाचार जरूरी : अलकेश शर्मा

गोरखपुर, 29 जनवरी । राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी- नाइलिट) गोरखपुर के तत्वावधान में कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स व डिजिटल टेक्नोलॉजीज पर दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस (NICEDT–2026) का शुभारम्भ गुरुवार को महानगर के रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में हुआ।

अलकेश शर्मा, आईएएस (सेवानिवृत्त), सदस्य, सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड, ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा नवाचार-आधारित अनुसंधान की भूमिका पर कहा कि ये तत्व समावेशी विकास को गति देने एवं भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने डिजिटल इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच सशक्त सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर डॉ. एम. एम. त्रिपाठी, महानिदेशक, नाइलिट एवं कुलपति, नाइलिट डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, ने सभी विशिष्ट अतिथियों, शोधकर्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया।

स्वागत संबोधन में उन्होंने नाइलिट की डिजिटल कौशल विकास, उच्च शिक्षा एवं उन्नत शोध के क्षेत्र में बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि NICEDT–2026 नवाचार, अंतःविषयक अनुसंधान तथा उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में नवीनतम शोध, नवाचार और भावी संभावनाओं पर विचार-विमर्श हेतु शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं एवं विद्यार्थियों को एक साझा वैश्विक मंच प्रदान करता है।

इस अवसर पर केशरी के. अस्थाना, सीटीओ, पब्लिक सेक्टर, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन उभरती प्रौद्योगिकियों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और एआई, क्लाउड कम्प्यूटिंग, साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी तकनीकों का प्रभाव गोरखपुर जैसे उभरते क्षेत्रों के लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। डॉ. त्रिप्ता ठाकुर, कुलपति, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय, देहरादून ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन छात्रों और शोधकर्ताओं को उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ जुड़ने और उद्योग-अकादमिक सहयोग के अवसर प्रदान करते हैं। डॉ. नीरजा गुप्ता, कुलपति, गुजरात विश्वविद्यालय ने उभरती तकनीकों के राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्व को उजागर किया। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर चर्चा को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। एआई संचालित समाधान आधुनिक रक्षा प्रणालियों में रणनीतिक क्षमताओं और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को सशक्त बना सकते हैं। सुशील पाल, संयुक्त सचिव, आइएसएम मेइटी ने सीटूएस प्रोजेक्ट, सेमीकंडक्टर क्षेत्र और उद्योग के लिए तैयार मानव संसाधन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन जैसी पहल नवाचार को बढ़ावा देने और सेमीकंडक्टर एवं अन्य तकनीकी क्षेत्रों में कुशल पेशेवर तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।

–500 से अधिक विद्वानों व शोधकर्ताओं की सहभागिता

सम्मेलन में शिक्षा, शासन एवं उद्योग जगत की अनेक प्रतिष्ठित अतिथियों एवं विशिष्टजन की उपस्थिति रही। इनमें प्रमुख रूप से प्रो. के. जी. उपाध्याय, लोकपाल, नाइलिट डीम्ड यूनिवर्सिटी; प्रो. श्रीनिवास सिंह, निदेशक, अटल बिहारी वाजपेयी–भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर, डॉ. निरजा गुप्ता, कुलपति, गुजरात विश्वविद्यालय, प्रो. अनु सिंह लाथर, कुलपति, आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली, तुलिका पांडे, समूह समन्वयक मेइटी, प्रो. मोहम्मद रिहान, महानिदेशक, राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान, प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी, निदेशक, एनसीईआरटी, श्वेता खुराना, सीनियर डायरेक्टर, इंटेल कॉरपोरेशन आदि शामिल हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश एवं विदेशों से 500 से अधिक शोधकर्ताओं एवं लेखकों ने सहभागिता की है। सम्मेलन के दौरान तकनीकी शोध पत्र प्रस्तुतियाँ, मुख्य व्याख्यान, पैनल चर्चाएँ तथा विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अगली पीढ़ी की संचार प्रणालियाँ, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल परिवर्तन जैसे उभरते विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. डी. के. मिश्रा, निदेशक, नाइलिट गोरखपुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

–थीमेटिक स्टॉल बढ़ा रहे सम्मेलन का आकर्षण

सम्मेलन के अंतर्गत देश भर के नाइलिट केंद्रों द्वारा साइबर सुरक्षा, वीएलएसआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों पर आधारित विभिन्न थीमेटिक स्टॉल प्रदर्शित किए गए। इसके साथ ही डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु ड्रोन प्रौद्योगिकी, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न स्टार्ट-अप कम्पनियों ने अपने नवाचारों का प्रदर्शन किया, जिसे आगंतुकों द्वारा विशेष सराहना मिली।