यमुनानगर, 25 जनवरी । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) एक्ट 2026 को लेकर सवर्ण समाज में व्यापक असंतोष उभरकर सामने आया है। इसी क्रम में त्यागी वेलफेयर सोसाइटी ने रविवार को बैठक आयोजित की, जिसमें समाज के प्रमुख पदाधिकारियों, धार्मिक विद्वानों, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
बैठक में वक्ताओं ने यूजीसी एक्ट 2026 को शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संतुलन के लिए घातक बताया। उनका कहना था कि यह अधिनियम बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है और समाज में पहले से मौजूद विभाजन को और गहरा करने का कार्य करेगा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि एक ओर सामाजिक एकता की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं जो समाज में वैमनस्य को बढ़ावा देती हैं। चर्चा के उपरांत सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 28 जनवरी को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा।
इसके तहत समाज के सदस्य नेहरू पार्क के मुख्य द्वार पर एकत्रित होकर शांतिपूर्ण रोष मार्च निकालेंगे और विधायक कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि संवाद और ज्ञापन के बावजूद सरकार ने इस विषय पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। समाज के लोग अपने-अपने क्षेत्रों के विधायकों, सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर अपनी आपत्तियों से अवगत कराएंगे। वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन की जिम्मेदारी पूरी तरह शासन और प्रशासन की होगी।