औली में विंटर कार्निवाल-2026 का शुभारंभ, महाराज बोले-उत्तराखंड बनेगा विश्वस्तरीय शीतकालीन पर्यटन हब

औली, 13 फ़रवरी । राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने शुक्रवार को चमोली जिले के औली की वादियों में विंटर कार्निवाल-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड को विश्वस्तरीय शीतकालीन पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस पहल की गई है।

इस मौके पर मंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक चेतना और साहसिक गतिविधियों का अद्वितीय संगम है। समुद्र तल से लगभग 2500 से 3050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित औली अपने प्राकृतिक ढलानों, ओक और देवदार के वनों और नंदा देवी, कामेट और माना जैसे हिमालयी शिखरों के विहंगम दृश्यों के कारण देश का प्रमुख विंटर डेस्टिनेशन बन चुका है। यहां की भौगोलिक संरचना और अनुकूल जलवायु इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त बनाती है।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि 13 से 16 फरवरी तक आयोजित विंटर कार्निवाल में स्कीइंग, साहसिक खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं स्थानीय लोककलाओं की प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, होमस्टे और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सशक्त आधार मिलेगा। उन्होंने कहा कि औली को स्थायी विंटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करना सरकार का लक्ष्य है।

उन्होंने घोषणा की कि औली विंटर कार्निवाल का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाएगा। अप्रैल में भारतीय सेना के साथ ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज’ का आयोजन प्रस्तावित है,जिसके अंतर्गत हेलंग से उर्गम, रुद्रनाथ, मंडल होते हुए उखीमठ तक 91 किमी ट्रेल आयोजित की जाएगी।

आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन की सफलता के बाद जनपद चमोली की नीति घाटी में 31 मई को ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ आयोजित होगी। इसमें रिमखिम से नीति होकर मलारी तक 75 किमी अल्ट्रा मैराथन तथा 42 किमी मैराथन का आयोजन किया जाएगा। विदेशी प्रतिभागियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

जून 2026 में भारतीय सेना के सहयोग से बद्रीनाथ एवं माणा में देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल के दूसरे संस्करण का आयोजन प्रस्तावित है। वर्ष 2026 में कुमाऊं और गढ़वाल के मध्य 80 के दशक में आयोजित प्रसिद्ध हिमालयन कार रैली के पुनः आयोजन की भी योजना है। पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित एक्रो फेस्टिवल को भी वार्षिक कैलेंडर इवेंट के रूप में आयोजित किया जाएगा।

पर्वतमाला परियोजना के तहत केदारनाथ और हेमकुंड रोपवे के निर्माण कार्य इस वर्ष से प्रारंभ किए जाने का प्रस्ताव है। इससे श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। औली स्थित रोपवे की शीघ्र मरम्मत के लिए तकनीकी टीम जोशीमठ पहुंच चुकी है।

कार्निवाल के दौरान स्कीइंग, साहसिक खेलों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। ज्योतिर्मठ की पौराणिक लाटा लोक सांस्कृतिक दल द्वारा मां नंदा देवी डोली का मंचन आकर्षण का केंद्र रहा।

इस अवसर पर पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल,विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल,बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, जिलाधिकारी गौरव कुमार,एमडी जीएमवीएन विशाल मिश्रा,पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पवार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।