देहरादून, 24 दिसंबर: राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रत्येक ग्राम सभा में सहकारी समितियों की स्थापना की जाएगी। इन समितियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और इन्हें ग्रामीण समृद्धि की धुरी बनाया जाएगा।
मंत्री ने यह बात देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित सहकारिता मेले के मुख्य कार्यक्रम में कही। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में अब तक 11.50 लाख किसानों और स्वयं सहायता समूहों को 7000 करोड़ रुपये से अधिक ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
सहकारिता का विस्तार
राज्य सरकार ने ग्रामसभा स्तर पर 602 नई एमपीएसीएस, 258 डेयरी समितियां और 119 मत्स्य समितियां स्थापित की हैं। युवा वर्ग को स्टार्टअप, ऑर्गेनिक उत्पादों की मार्केटिंग और प्रोसेसिंग जैसे आधुनिक व्यवसायों से जोड़ने का काम भी सहकारिता के माध्यम से किया जा रहा है।
प्रदेशभर में 670 एमपैक्स जनसुविधा केंद्र और 23 एमपैक्स जन औषधि केंद्र आम जनता के लिए कार्य कर रहे हैं, जिन्हें अब ई-पैक्स में बदलकर डिजिटल सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दीनदयाल उपाध्याय योजना और सहकारी बैंकिंग
सहकारिता विभाग की दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना से किसानों, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को लाभ मिल रहा है। सहकारी बैंकों का आधुनिकीकरण किया गया है, जिससे खाताधारकों को डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15,651 करोड़ रुपये से अधिक का निक्षेप बैंकों में जमा हुआ और एनपीए भी कम हुआ।
महिलाओं की भागीदारी
सहकारिता में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का सरकार का निर्णय सफल रहा। हाल ही में हुए सहकारी समितियों के चुनाव में 668 समितियों में से 280 से अधिक में महिलाएं अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुईं, जो महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है।
मंत्री ने कहा कि सरकार सहकारिता को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। इस अवसर पर उन्होंने योजनाओं के लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए।