बीकानेर, 09 जनवरी । जिसे ‘एक हजार हवेलियों का शहर’ कहा जाता है, उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर केंद्र सरकार गंभीर नजर आ रही है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट कहा है कि बीकानेर की प्राचीन हवेलियों को किसी भी तरह की आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ये हवेलियां केवल इमारतें नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध विरासत और इतिहास की पहचान हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बीकानेर की हवेलियां अपनी विशिष्ट स्थापत्य कला, नक्काशी और भित्ति चित्रों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। इन धरोहरों को संरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के दौरान इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि ऐतिहासिक इमारतों को नुकसान न पहुंचे।
अर्जुन राम मेघवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना को मंजूरी देने से पहले हेरिटेज संरक्षण नियमों का पालन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की राय ली जाएगी और स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि विकास और विरासत दोनों साथ-साथ चल सकते हैं।
उन्होंने स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों से भी अपील की कि वे बीकानेर की हवेलियों की सुरक्षा में प्रशासन का सहयोग करें। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर जनता जागरूक होगी, तो इन ऐतिहासिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा।
बीकानेर के नागरिकों और विरासत प्रेमियों ने केंद्रीय मंत्री के इस बयान का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे न सिर्फ शहर की पहचान मजबूत होगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार के इस आश्वासन से यह उम्मीद जगी है कि बीकानेर की हवेलियां आने वाले समय में भी अपनी ऐतिहासिक गरिमा बनाए रखेंगी।