ज्यादा एंटीबायटिक दवाओं के सेवन से अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान : सतीश राय

प्रयागराज, 05 जनवरी ।  स्वास्थ्य विशेषज्ञ सतीश राय ने चेतावनी दी है कि एंटीबायटिक दवाओं का जरूरत से ज्यादा या बिना डॉक्टर की सलाह सेवन शरीर के लिए गंभीर नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे दुरुपयोग से शरीर में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया (Good Bacteria / Gut Microbiota) नष्ट होते हैं, जिससे पाचन, इम्यूनिटी और संपूर्ण स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

सतीश राय के अनुसार, एंटीबायटिक का काम हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करना होता है, लेकिन अंधाधुंध उपयोग से यह अच्छे और बुरे बैक्टीरिया में फर्क नहीं कर पाती। इसका नतीजा डायरिया, पेट दर्द, फंगल इंफेक्शन, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली और लंबे समय में एंटीबायटिक रेजिस्टेंस के रूप में सामने आता है। एंटीबायटिक रेजिस्टेंस वह स्थिति है जब बैक्टीरिया दवाओं पर असर करना बंद कर देते हैं, जिससे सामान्य संक्रमण भी जानलेवा बन सकते हैं।

उन्होंने बताया कि वायरल संक्रमण जैसे सर्दी-जुकाम, फ्लू या अधिकांश खांसी में एंटीबायटिक की जरूरत नहीं होती, फिर भी लोग स्वयं दवा लेना शुरू कर देते हैं। यह आदत न केवल इलाज को जटिल बनाती है, बल्कि भविष्य में गंभीर बीमारियों के इलाज को भी कठिन कर देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि एंटीबायटिक हमेशा पूरा कोर्स और डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) भी लगातार एंटीबायटिक के जिम्मेदाराना उपयोग पर जोर देते हैं। WHO के मुताबिक, एंटीबायटिक रेजिस्टेंस वैश्विक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है। सतीश राय ने लोगों से अपील की कि वे स्व-दवा से बचें, स्वस्थ आहार लें और जरूरत पड़ने पर ही विशेषज्ञ से परामर्श लें।

एंटीबायटिक जीवन रक्षक हैं, लेकिन गलत और अत्यधिक उपयोग शरीर के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ सकता है। सही जानकारी और सतर्कता ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।