मौनी अमावस्या पर वाराणसी में लाखों श्रद्धालुओं ने मौन रह पवित्र गंगा में लगाई आस्था की डुबकी,किया दान पुण्य

वाराणसी,18 जनवरी । मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर काशी में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही लाखों श्रद्धालु मौन व्रत धारण कर गंगा घाटों की ओर उमड़ पड़े और पवित्र गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। दशाश्वमेध, अस्सी, पंचगंगा, राजघाट सहित प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।

परंपरा के अनुसार, मौनी अमावस्या पर स्नान-दान का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद दान-पुण्य, दीपदान, तिल-गुड़ का दान और जरूरतमंदों को वस्त्र-अन्न प्रदान किया। कई भक्तों ने पूरे दिन मौन रखकर साधना और जप-तप किया। घाटों पर हर-हर गंगे के जयघोष के बीच आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, चिकित्सा सहायता, स्वच्छता और जल-सुरक्षा के लिए पुलिस, एनडीआरएफ/एसडीआरएफ और नगर निगम की टीमें तैनात रहीं। घाटों पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और आपात सेवाएं सक्रिय रहीं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा नियमों का पालन करने और घाटों पर अनुशासन बनाए रखने की अपील की।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान से पापों का क्षय और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। काशी में इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि इसे मोक्षदायिनी नगरी माना जाता है। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा को अनुभव किया और सुख-समृद्धि की कामना की।