ग्राम विकास अधिकारी ने फंदे से झूलकर की आत्महत्या, पुलिस जांच जारी

राजस्थान के मांग्यावास इंजीनियर्स कॉलोनी में ग्राम विकास अधिकारी प्रवीण कुमावत (31) ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना देर रात की बताई जा रही है, जब वह रिश्तेदारों से मिलने के बाद घर लौटे और अपने कमरे में सोने चले गए। सुबह जब परिजन उन्हें जगाने पहुंचे, तो प्रवीण कमरे में फंदे से लटके मिले।

जांच अधिकारी एसआई सतीश कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रवीण बाजार से नई रस्सी खरीदकर लाए थे। पुलिस ने मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं किया है, लेकिन परिजनों ने आत्महत्या के पीछे गंभीर आरोप लगाए हैं।

सरपंच, उसके बेटे और खंड विकास अधिकारी पर आरोप

मृतक के भाई अशोक कुमावत ने ग्राम पंचायत सरपंच भागचंद नायक, उसके बेटे बंटी, और खंड विकास अधिकारी दिशी शर्मा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करवाया है।

परिजनों का आरोप है कि तीनों प्रवीण पर अवैध भुगतान के लिए लगातार दबाव बना रहे थे।

उनका कहना है कि—

  • सरपंच ने जलभराव क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी डलवाकर 10–15 लाख रुपए का भुगतान करवाने का दबाव बनाया।

  • जबकि वास्तविक खर्च करीब 50 हजार रुपए बताया जा रहा है।

  • भारी दबाव के चलते प्रवीण ने व्हाट्सऐप पर अपना इस्तीफा BDO को भेजा था।

परिजन यह भी कहते हैं कि इससे पहले भी उन्होंने BDO से मिलकर शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस जांच जारी

पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर IPC 306 (आत्महत्या के लिए उकसावे) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
जांच अधिकारी का कहना है कि—

  • प्रवीण की कॉल डिटेल व मोबाइल की जांच होगी

  • अवैध भुगतान के आरोपों की भी जांच की जाएगी

  • आरोपियों से पूछताछ की तैयारी है

परिवार में शोक और आक्रोश

परिजन इसे “दबाव में उठाया गया कदम” बता रहे हैं। प्रवीण दीपावली पर छुट्टी लेकर घर आए थे और अगले दिन ड्यूटी पर लौटने वाले थे। घटना ने पूरे परिवार और क्षेत्र में गहरा शोक और आक्रोश पैदा कर दिया है।