जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान शत-प्रतिशत लक्षित बच्चों को दवा पिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विटामिन ए बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। यह न केवल आंखों की रोशनी की रक्षा करता है, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। उन्होंने स्वास्थ्य, आईसीडीएस और शिक्षा विभाग को समन्वय के साथ अभियान को जन आंदोलन के रूप में संचालित करने को कहा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि विटामिन ए कार्यक्रम वर्ष में दो बार आयोजित होता है। जुलाई-अगस्त में हुए पिछले चरण में बरेली को प्रदेश में पहला स्थान मिला था। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि इस बार नौ माह से एक वर्ष के 69,068, एक से दो वर्ष के 1,32,573 और दो से पांच वर्ष के 4,24,799 बच्चों को कवर किया जाएगा।
बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास विभाग सहित डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ समेत अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।