बरेली छावनी बोर्ड की बैठक: सड़क, जलापूर्ति, मल्टीलेवल पार्किंग समेत कई विकास योजनाओं को मंजूरी

बरेली, 7 अगस्त । बरेली छावनी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में शुक्रवार को आयोजित छावनी बोर्ड की साधारण बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में सड़क निर्माण, जलापूर्ति व्यवस्था के आधुनिकीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग, आधुनिक ऑडिटोरियम, स्वच्छता व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और यातायात सुधार से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत लागू करने का निर्णय भी लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता ब्रिगेडियर ए.पी.एस. भदौरिया, एस.एम., अध्यक्ष, छावनी बोर्ड ने की। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सदस्य सचिव डॉ. तनु जैन तथा नामित सिविल सदस्य डॉ. वैभव जायसवाल भी मौजूद रहे। बैठक में छावनी क्षेत्र के समग्र विकास, आधुनिक आधारभूत संरचना और बेहतर जनसुविधाओं को लेकर विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बोर्ड ने सेवारत कर्मचारियों के लिए 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) तथा पेंशनरों के लिए 60 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) एक जनवरी 2026 से स्वीकृत करने का निर्णय लिया। इससे कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को समयबद्ध वित्तीय लाभ मिलेगा।

बैठक में नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लेखा नगर में इंटरलॉकिंग टाइल सड़क निर्माण को मंजूरी दी गई। इसके अलावा वृंदावन गेस्ट हाउस की मरम्मत, सदर बाजार क्षेत्र में पैदल मार्गों का सुधार तथा विभिन्न स्थानों पर प्री-कास्ट ड्रेन कवर स्लैब लगाने का भी निर्णय लिया गया। इन कार्यों से क्षेत्र में आवागमन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगा।

छावनी क्षेत्र में रात्रिकालीन सुरक्षा और सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए डेकोरेटिव इलेक्ट्रिक पोल खरीदे जाएंगे। वहीं सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए रोड साइन बोर्ड, जेब्रा क्रॉसिंग और रोड मार्किंग विकसित की जाएगी। बोर्ड का मानना है कि इन उपायों से यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।

बैठक में प्रशासनिक और नागरिक सेवाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए फाइल कॉम्पैक्टर, ऑनलाइन यूपीएस सिस्टम और सीसीटीवी सर्विलांस स्टोरेज डिवाइस खरीदने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा पुराने और अनुपयोगी स्वच्छता वाहनों को बदला जाएगा तथा वृक्षों की वैज्ञानिक छंटाई के लिए ट्री प्रूनिंग मशीन भी खरीदी जाएगी। इससे रिकॉर्ड प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था और स्वच्छता सेवाओं में सुधार आने की उम्मीद है।

दीर्घकालिक विकास योजनाओं को गति देने के लिए बोर्ड ने एम/एस ब्रिज एंड रूफ कंपनी (इंडिया) लिमिटेड को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी के लिए अधिकृत किया है।

इन परियोजनाओं में एससीएडीए आधारित आधुनिक जलापूर्ति प्रणाली का उन्नयन, मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण, आर.एन. टैगोर इंटर कॉलेज में नए शैक्षणिक भवन का निर्माण और आधुनिक ऑडिटोरियम का विकास शामिल है। बोर्ड का मानना है कि इन परियोजनाओं से भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित होंगी।

स्वच्छता सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए बोर्ड ने जीईएम पोर्टल के माध्यम से एक वर्ष के लिए कुशल एवं अकुशल आउटसोर्स मानवबल लेने का निर्णय लिया है। यह कर्मचारी छावनी के विद्यालयों, अस्पताल, कार्यालयों और स्वच्छता कार्यों में लगाए जाएंगे। इससे नियमित सफाई व्यवस्था और संस्थागत सेवाओं के संचालन में सुधार होगा। बैठक में ‘गार्बेज टू गोल्ड सेंटर’ से प्राप्त पुनर्चक्रण योग्य कचरे की नीलामी को भी मंजूरी दी गई। इस पहल का उद्देश्य वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना और कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलना है।