पंजाब बोर्ड के 12वीं कक्षा के परिणाम में तीन छात्राओं ने रचा इतिहास, हासिल किए पूरे 500/500 अंक

चंडीगढ़, 13 मई । पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए तीन छात्राओं ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 500 में से 500 अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया है।

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के आज घोषित किए गए 12वीं कक्षा के परिणामों के अनुसार गुरुकुल अकादमी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, उभा (मानसा) की छात्रा सुपनीत कौर ने साइंस स्ट्रीम में 500/500 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया।

बीसीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एचएम 150, जमालपुर कॉलोनी, फोकल प्वाइंट, लुधियाना की छात्रा सुहानी चौहान ने ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में 500/500 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि तेजा सिंह सुतंतर मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शिमलापुरी (लुधियाना) की छात्रा दिवांशी ने ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में 500/500 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया।

तीनों टॉपर छात्राएं खेल गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।

कुल 2,65,417 विद्यार्थियों ने 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा दी, जिनमें से 2,42,755 विद्यार्थी पास हुए। इस प्रकार कुल पास प्रतिशतता 91.46 प्रतिशत रही।

कॉमर्स स्ट्रीम में सबसे अधिक 98.78 प्रतिशत पास परिणाम दर्ज किया गया, जिसमें 34,496 विद्यार्थियों में से 34,074 विद्यार्थी सफल हुए। साइंस स्ट्रीम में 98.47 प्रतिशत पास प्रतिशतता रही, जहां 56,456 विद्यार्थियों में से 55,593 विद्यार्थी पास हुए। ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में 1,65,457 विद्यार्थियों में से 1,45,179 विद्यार्थी सफल हुए, जिससे 87.74 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया। इसके अलावा, वोकेशनल स्ट्रीम में 87.80 प्रतिशत पास प्रतिशतता रही, जिसमें 9,008 विद्यार्थियों में से 7,909 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि ये परिणाम हमारे विद्यार्थियों की अथक मेहनत, शिक्षकों के समर्पण तथा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा किए गए ऐतिहासिक शिक्षा सुधारों को दर्शाते हैं।

तीनों टॉपर छात्राओं की शानदार उपलब्धि की सराहना करते हुए बैंस ने सभी सफल विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्ट्रीमों में विद्यार्थियों द्वारा पूर्ण अंक प्राप्त करना अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने बेहतर परिणामों का श्रेय डिजिटल कक्षाओं, शिक्षक प्रशिक्षण और समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने को लेकर राज्य सरकार की प्राथमिकता को दिया।