संभल में फर्जी दस्तावेजों से वोटर बनने का मामला उजागर, 48 लोगों पर FIR

मामले का खुलासा ग्राम प्रधान कमर द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के बाद हुआ। शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच समिति ने पड़ताल की। आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर लेखपाल ने असमोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एफआईआर के अनुसार, जांच के दौरान कई व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में अवैध तरीके से जोड़े जाने की पुष्टि हुई। आधार विवरणों में गलत संशोधन कर वोट बनवाने का आरोप है। यह भी सामने आया कि पूरे प्रकरण में बीएलओ की भूमिका संदिग्ध रही। उसने नियमों की अनदेखी करते हुए जालसाजों को मदद पहुंचाई। प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी के निर्देश पर कराई गई जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं सहित लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। उधर, मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ग्रामीणों ने फर्जीवाड़े में शामिल सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई और अवैध रूप से बने वोटों को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।शहनवाज, जीशान, आमिर, अजीम समेत 48 लाेगाें के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है।