चंडीगढ़, 28 दिसंबर। अकाल तख्त साहिब ने गुरुवार को फैसला किया है कि अब सिख धर्म में आनंद कारज केवल गुरुद्वारों में ही आयोजित किया जाएगा। रविवार को पांच सिंह साहिबानों की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पार्क, होटल और अन्य खुले या व्यावसायिक स्थानों पर गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी लेकर शादी करना पूरी तरह से मना होगा।
अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने बताया कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर गुरु ग्रंथ साहिब की पावन सवारी प्रदान करने वाले व्यक्ति, आनंद कारज कराने वाले रागी जत्थे और संबंधित स्थानों के मालिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। विशेष तौर पर चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में ऐसे मामलों में चिंता जताई गई। सभी ग्रंथी, रागी जत्थे, प्रबंधक और सेवादारों से आदेशों का पालन करने की अपील की गई है।
बैठक में तख्त श्री दमदमा साहिब, सचखंड श्री हरिमंदर साहिब और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार और ग्रंथी शामिल थे। सभी ने एकमत से इस फैसले का समर्थन किया और सिख समुदाय से इसके पालन की अपील की।
इसके अलावा बैठक में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित वीडियो और फिल्म निर्माण के विषय पर भी चर्चा हुई। जत्थेदार ने स्पष्ट किया कि धार्मिक विषयों पर एआई या कृत्रिम फिल्में नहीं बनाई जा सकतीं, क्योंकि यह सिख मर्यादाओं और परंपराओं के खिलाफ होगा। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी की अनुमति के बिना सिख इतिहास से संबंधित कोई भी फिल्म नहीं बनाई जा सकती।
जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने बताया कि आधुनिक तकनीक के युग में यह विषय संवेदनशील है और इसे लेकर स्पष्ट नीति बनाना आवश्यक है। इस फैसले की प्रतियां देश के प्रमुख फिल्म निर्माताओं को भेजी जाएंगी।
इस निर्णय का उद्देश्य गुरु ग्रंथ साहिब की पावनता बनाए रखना और सिख परंपराओं का सम्मान सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने कहा कि समुदाय के सभी लोग और धार्मिक संस्थाएं इस नए नियम का पूरी तरह पालन करें।