प्रयागराज, 04 जनवरी । वरिष्ठ समाजसेवी और लेखक डॉ. नरेन्द्र सिंह गौर ने कहा कि भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने आधुनिक विकास और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में ऐसे योगदान दिए हैं, जिन्हें समग्र दृष्टि से “आधुनिक विकास के महाग्रंथ” कहा जा सकता है। डॉ. गौर ने यह टिप्पणी एक संगोष्ठी के दौरान की, जिसमें डॉ. जोशी के विचारों, लेखनी और सामाजिक कार्यों पर चर्चा की गई।
डॉ. नरेन्द्र सिंह गौर ने कहा कि डॉ. जोशी की नीति और सामाजिक सुधार की दृष्टि ने भारतीय समाज के विकास की दिशा को मजबूती दी। उन्होंने शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में गहन कार्य किया और ऐसे विचार सामने रखे जो आज भी युवाओं और नीति निर्माताओं के लिए मार्गदर्शक हैं। उनके कार्यों में लोकतंत्र की मजबूती, सामाजिक समानता और सतत विकास की विचारधारा स्पष्ट झलकती है।
डॉ. गौर ने कहा कि डॉ. जोशी का दृष्टिकोण केवल प्रशासनिक सुधार तक सीमित नहीं था। उन्होंने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में कई मॉडल तैयार किए, जिन्हें आज भी कई राज्यों द्वारा अपनाया जा रहा है। उनका लेखन और भाषण भारतीय संस्कृति और आधुनिकता के संतुलन का उदाहरण है।
संगोष्ठी में उपस्थित लोगों ने भी डॉ. जोशी के व्यक्तित्व और उनके योगदान की सराहना की। युवा वर्ग ने उनकी विचारधारा को आत्मसात करने और देश की सेवा में योगदान देने का संकल्प लिया।
डॉ. गौर ने अंत में कहा कि आधुनिक भारत के लिए डॉ. मुरली मनोहर जोशी के विचार और कार्य एक अमूल्य निधि हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।