यूजीसी के मुद्दे पर 10 फरवरी को राजधानी की सड़क पर उतरेंगी पल्लवी पटेल

लखनऊ, 07 फरवरी । अपना दल कमेरावादी की शीर्ष नेता व सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने शनिवार को लखनऊ में पार्टी कार्यालय पर पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में हो रहे भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनिमय 2026 लाया गया। प्रायोजित विरोध की आड़ में न्यायिक प्रक्रिया में ले जाकर फंसा दिया गया।

ऐसी दमनकारी व्यवस्था और घोर अन्याय के खिलाफ अब सड़क पर उतरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है, इसलिए हम आगामी 10 फरवरी 2026 को लखनऊ की सड़कों पर उतरकर यूजीसी समता संवर्धन विनियम 2026 तत्काल लागू करने की मांग करेंगे। इस आंदोलन में अपना दल कमेरावादी के कार्यकर्ताओं के साथ ही साथ विश्वविद्यालय में महाविद्यालय के छात्र नौजवान शामिल रहेंगे।

पल्लवी पटेल ने कहा कि अगड़ा और पिछड़ा के बीच में खाई को और चौड़ा करने तथा जनता की बुनियादी कमाई दवाई एवं पढ़ाई जैसे सवालों पर सरकारों की विफलता से ध्यान हटाने के दोहरी लाभ की साजिशों के तहत यह सब किया जा रहा है।

रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तडवी, अनिल कुमार जैसे ज्ञात और अनगिनत अज्ञात पीड़ितों साथ हुई घटनाओं के पुनरावृति को रोकने के लिए बनाए जा रहे प्रावधानों को भ्रामक बहसों एवं अफवाहों में फंसा कर इसे अगड़ा बनाम पिछड़ा की लड़ाई का हथियार बना दिया गया। जबकि यह विनिमय किसी भी तरीके से किसी खास सामाजिक समुदाय के विरुद्ध नहीं बल्कि हर तरह के शोषक के खिलाफ है।