न्यायिक जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
जिला मुख्यालय पर शुक्रवार काे हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता
इनेलो के जिला प्रधान सतपाल काजला ने की, जबकि नेतृत्व पार्टी के प्रदेश प्रधान सचिव
गौरव संपत सिंह ने किया।
इनेलो नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया कि जंतर-मंतर
पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा
बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े वीडियो और मीडिया रिपोर्टों में
छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े जाने तथा अन्य गंभीर आरोप सामने आए हैं।
यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों और मानवाधिकारों
का गंभीर उल्लंघन होगा।
इनेलो नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था
में प्रत्येक नागरिक, विशेषकर छात्रों और युवाओं को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने
का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास
लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। पार्टी ने पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय न्यायिक
जांच कराने और दोषी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर चतर सिंह स्याहड़वा, दलबीर किरमारा,
प्रदीप सिंह बाजिया एडवोकेट, होशियार खान, साहिल दीप कस्वां, कल्लीराम खेदड़, सूरज
कालीरावणा, निहाल सिंह, तेलू राम सरपंच, राजकुमार सिवानी, ललिता टाक, सीताराम जाखड़,
चरण सिंह, विकेंद्र मलिक, तौसीफ चौधरी एडवोकेट, सुखी मंगाली, सुभाष टाक, बलबीर सिहाग
व विनोद कस्वां एडवोकेट सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने भी सौंपा अलग ज्ञापन
इसी मुद्दे पर इनेलो लीगल सेल के जिला प्रधान
एवं जिला बार एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप सिंह बाजिया एडवोकेट के नेतृत्व में अधिवक्ताओं
के प्रतिनिधिमंडल ने भी जिला प्रशासन को अलग ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने छात्रों के
साथ कथित बर्बरता की निंदा करते हुए इसे संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों के उल्लंघन
का मामला बताया। उन्होंने छात्रों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने तथा न्याय सुनिश्चित
करने की मांग की। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय से भी मामले में संज्ञान लेने का आग्रह
किया। इस दौरान प्रदीप सिंह बाजिया, समीर सिहाग, भूपेंद्र पानू, कुलदीप देशवाल, विक्रम
मित्तल, विनोद कस्वां, आशीष बिश्नोई और प्रसिद्ध नैन सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।