लखनऊ, 11 फरवरी। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने नवीनतम बजट में शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए ज्ञान और कौशल विकास पर सबसे बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है। सरकार का कहना है कि “शिक्षा से सशक्त उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार करने के लिए स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाया जाएगा।
बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना, डिजिटल शिक्षा संसाधनों के विस्तार और शिक्षकों की भर्ती पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कौशल विकास केंद्रों को आधुनिक उपकरणों से लैस करने का प्रावधान भी शामिल है, ताकि युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण मिल सके।
सरकार ने छात्रवृत्ति योजनाओं, बालिकाओं की शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में नए विद्यालयों की स्थापना के लिए भी अतिरिक्त धनराशि आवंटित की है। उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष फंड का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बजट को प्रदेश के भविष्य में निवेश बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो इससे प्रदेश में मानव संसाधन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।
यह बजट शिक्षा को विकास की आधारशिला मानते हुए दीर्घकालिक रणनीति का संकेत देता है।