पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब निकाय चुनावों से जुड़ी एक याचिका पर अहम आदेश जारी करते हुए सरकार तथा चुनाव आयोग को 60 दिन के भीतर ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया पर अपना निर्णय देने का निर्देश दिया है। यह आदेश निर्वाचकों और प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
याचिका में यह मांग उठाई गई थी कि पारंपरिक कागजी नामांकन की बजाय ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया लागू की जाए, जिससे समय, लागत और प्रशासनिक बोझ दोनों कम होंगे। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में यह भी तर्क दिया कि डिजिटल सिस्टम युवाओं और डिजिटल साक्षर मतदाताओं को भी चुनाव प्रक्रिया में सहज भागीदारी का अवसर देगा।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनाव प्रक्रिया को आधुनिक, पारदर्शी और सुचारू बनाना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। आदेश में अदालत ने 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन नामांकन के प्रस्ताव पर निर्णय लेने और उसके लागू होने की स्थिति बताने को कहा है। यदि इसके लिए आवश्यक संशोधन या तैयारी करनी हो तो संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऑनलाइन नामांकन लागू हो जाता है तो यह प्रत्याशियों के लिए एक बड़ा सुधार होगा और इससे निकाय चुनावों में पहुंच और सहभागिता बढ़ सकती है। वहीं, चुनाव आयोग और प्रशासन के बीच तकनीकी तैयारियों, साइबर सुरक्षा और सत्यापन प्रणाली जैसी आवश्यकताओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक होगा।
पंजाब में जल्द होने वाले निकाय चुनावों के मद्देनजर यह आदेश राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही मोर्चों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर 60 दिन के निर्धारित समयसीमा पर टिकी हुई है।
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