रुड़की, 12 फ़रवरी । ऊर्जा निगम के निजीकरण के विरोध में गुरुवार को रुड़की स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर कर्मचारियों और अधिकारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया।
इस आंदोलन में ऊर्जा निगम के विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए, और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू, रोड गुट) ने भी समर्थन जताया।
धरने को संबोधित करते हुए अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने कहा कि निजीकरण से कर्मचारियों के भविष्य पर खतरा और आम जनता के लिए बिजली महंगी होने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि निजी कंपनियां केवल मुनाफे के लिए काम करेंगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग की बिजली तक पहुंच प्रभावित होगी।
भाकियू नेताओं ने भी कहा कि निजीकरण से किसानों को मिलने वाली सब्सिडी और रियायतों पर असर पड़ेगा। यूनियन ने सरकार से निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की और चेताया कि अगर न सुधारा गया, तो कर्मचारी और किसान मिलकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेंद्र कुमार शर्मा ने की और संचालन दीपक कुमार शांडिल्य ने संभाला