चतुर्ग्रही योग पर देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में विशेष रुद्राभिषेक, विश्वकल्याण की प्रार्थना

हरिद्वार, 15 फरवरी । शांतिकुंज स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिसर में विराजमान प्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर में चतुर्ग्रही योग के पावन अवसर पर ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की कामना के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई।

विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या एवं महिला मंडल प्रमुख शैफाली पंड्या ने विधि-विधान से देवाधिदेव महादेव का पूजन किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध पार्श्व गायक हिमेश रेशमिया ने भी सपरिवार पूजन में भाग लिया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का अभिषेक कर विश्व के आरोग्य और कल्याण की प्रार्थना की।

शांतिकुंज एवं विश्वविद्यालय परिवार, साधकगण और श्रद्धालुओं ने विश्वशांति, लोकमंगल और मानव कल्याण की भावना से सामूहिक प्रार्थना की।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार वर्तमान में कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु के एक साथ स्थित होने से चतुर्ग्रही योग का निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में विशेष और प्रभावशाली संयोग माना जाता है। साथ ही सूर्य और शुक्र की युति से शुक्रादित्य योग भी बन रहा है, जो आध्यात्मिक साधना, सकारात्मक संकल्प और सृजनात्मक ऊर्जा के लिए शुभ माना जाता है।

पूजन क्रम में पुरुष सूक्त के साथ रुद्राभिषेक, महाकालाष्टक पाठ आदि अनुष्ठान सम्पन्न हुए। शांतिकुंज के आचार्यों ने कहा कि ग्रहों के विशेष योग मानव जीवन पर मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक प्रभाव डालते हैं। ऐसे समय में जप, तप और सकारात्मक चिंतन से वातावरण में सद्भाव और संतुलन स्थापित किया जा सकता है।