मंडी, 19 फ़रवरी । प्रदेश सरकार द्वारा कई पाठशालाओं को सीबीएसई से संबंध करने को लेकर जरूरी मापदंडों के चलते लड़के लड़कियों को को – एजुकेशन प्रणाली के तहत शिक्षा देने की शर्त को देखते हुए ऐसा किया गया है। प्रदेश सरकार ने प्रदेश के ऐसे 59 लड़कों व इतने ही लड़कियों के स्कूलों यानी कुल 118 स्कूलों को एक साथ कर देने तथा एक ही प्रबंधन के नीचे चलाने की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
मंडी जिले के भी आठ स्कूल इसमें लिए गए हैं जिन्हें विलय करके चार कर दिया गया है। इनमें मंडी शहर, सरकाघाट, जोगिंदरनगर व भंगरोटू के बॉयज व गर्ल्स स्कूल हैं। इसमें मंडी के 160 साल पुराने बिजयी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ब्यायज को कन्या पाठशाला में विलय कर दिया गया है। कन्या पाठशाला को लीड पाठशाला का दर्जा देते हुए बिजयी स्कूल अब उसके प्रबंधन के तहत चलेगा। जहां तक बिजयी स्कूल की बात है तो यह 160 साल पुराना है जो मंडी के तत्कालीन राजा बिजयी सेन द्वारा 1960 स्थापित किया गया था। अब इस स्कूल का नाम बदल कर पीएम श्री मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला होगा। इसकी अधिसूचना जारी होते ही मंडी में एक तरह से खलबली मच गई है।
बिजयी स्कूल के नाम पर बहुत कुछ है। इसकी ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन काफी सक्रिय व मजबूत है जबकि इसके साथ 160 साल पुराना इतिहास भी जुड़ा हुआ है। इसका एक प्राचीन भवन भी है जिसे 7 करोड़ रूपए खर्च करके जीर्णोद्वार किया गया है। इस अधिसूचना के जारी होते ही मंडी के एक बड़े वर्ग में मायूसी का माहौल है।
बिजयी स्कूल ओल्ड स्टूडेंट एसोसिशएन के प्रधान अनिल शर्मा व महासचिव संतोष कुमार ने कहा कि सरकार का यह फैसला सही नहीं है। इतने पुराने स्कूल का अस्तित्व एक झटके में मिटा देना इतिहास से खिलवाड़ है। सरकार इसे यथावत रखे और प्रदेश स्कूली शिक्षा बोर्ड के साथ ही इसकी संबंधता बरकरार रखी जाए। इधर, जिस पाठशाला में इसे विलय किया गया है उसकी ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन भी सरकार के फैसले से नाराज है।
एसोसिएशन की महासचिव नीरजा शर्मा ने कहा कि कन्या पाठशाला का 1927 में तत्कालीन रानी अमृतकौर के नाम से स्थापित की गई थी। उनके नाम से ही यह पाठशाला आगे चलनी चाहिए थी। सीबीएसई बोर्ड की कोई जरूरत नहीं है, इसे प्रदेश स्कूली शिक्षा बोर्ड के साथ रखना ही उचित रहेगा। मंडी सिटीजन काउंसिल भी ऐतिहासिक पाठशालाओं का नाम खत्म करने से नाराज है । सभा के प्रधान हरीश वैद्य ने कहा कि इस मामले में सबको साथ लेकर अगली रणनीति तय करेगी।