चंडीगढ़ अपहरण में 9 पुलिसकर्मियों पर चार्जशीट

चंडीगढ़ डेंटिस्ट अपहरण मामले में सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट

सीबीआई ने चंडीगढ़ के डॉक्टर मोहित धवन के अपहरण मामले में बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने एक इंस्पेक्टर समेत नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने डॉक्टर का अपहरण किया था। बाद में जांच के दायरे के बढ़ने पर वे डर गए। उन्होंने अपने मोबाइल फोन जानबूझकर गुमा दिए। इससे इलेक्ट्रॉनिक सबूत नष्ट हो गए।

मोबाइल फोन गुमाने के थे अजीब बहाने

सीबीआई की चार्जशीट में पुलिसकर्मियों के बहाने सामने आए हैं। किसी ने सैर के दौरान फोन गिरने की बात कही। किसी ने साइकल चलाते समय मोबाइल खोने का दावा किया। केवल कॉन्स्टेबल रिंकू राम का फोन बचा था। इससे एक व्हाट्सएप ग्रुप का पता चला। इस ग्रुप में अपहरण की साजिश रची जा रही थी।

टावर लोकेशन और कॉल डिटेल से हुआ खुलासा

सीबीआई जांच में टावर लोकेशन डेटा महत्वपूर्ण रहा। 7 जनवरी 2022 को डॉ. धवन की लोकेशन जिला अदालत थी। उसी समय पुलिसकर्मियों के बीच कई कॉल्स हुईं। कांस्टेबल प्रदीप ने एक घंटे में 11 कॉल्स की थीं। इंस्पेक्टर सेखों ने भी एसआई सुरेश से बात की थी। इससे पता चला कि अदालत परिसर से ही अपहरण की योजना बनी थी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने संभाली जांच

डॉ. धवन ने पहले पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को जांच का आदेश दिया। प्रशासन ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। अगस्त 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंप दी। इसके बाद 30 जनवरी 2025 को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। अब चार्जशीट दाखिल हो गई है।

इन पुलिसकर्मियों पर चलेगा मुकदमा

सीबीआई ने जिन नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उनमें इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों शामिल हैं। अन्य आरोपियों में एसआई सुरेश कुमार, एएसआई अजमेर सिंह और एएसआई बलवंत का नाम है। हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, रिंकू राम, विकास हुड्डा, सुभाष और प्रदीप पर भी मुकदमा चलेगा। इन पर जमानत रद्द कराने की साजिश का भी आरोप है।

पुलिस अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों की जानकारी के लिए आप सीबीआई की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम आदेशों को समझने के लिए सुप्रीम कोर्ट का पोर्टल उपयोगी हो सकता है।
Related: मोहाली: कैब ड्राइवर अपहृत, 3 घंटे में गिरफ्तार