पंजाब चुनाव पूर्व स्थायी DGP कौन? UPSC पैनल में 4 नाम!

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले AAP सरकार को बड़ा झटका

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व आम आदमी पार्टी की सरकार को बड़ा झटका लगा है। संघ लोक सेवा आयोग ने राज्य के स्थायी पुलिस महानिदेशक के चयन के लिए पैनल मांग लिया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद की गई है। इससे स्पष्ट है कि अगले साल होने वाले चुनावों से पहले पंजाब को एक स्थायी डीजीपी मिल जाएगा।

यूपीएससी ने भेजा पत्र, गृह विभाग ने मांगे नाम

पुलिस सूत्रों के अनुसार यूपीएससी का पत्र 18 फरवरी को भेजा गया। इसमें सुप्रीम कोर्ट के 5 फरवरी के आदेश का हवाला दिया गया है। इसके बाद पंजाब गृह विभाग ने डीजीपी कार्यालय से योग्य अधिकारियों के नाम मांगे हैं। हालांकि अभी सरकार या पंजाब पुलिस की ओर से कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी कार्यकारी डीजीपी प्रथा पर चिंता

कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकारी डीजीपी की प्रथा पर गंभीर चिंता जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि यह प्रथा उचित नहीं है। इससे योग्य और वरिष्ठ अधिकारी पद के लिए विचार से वंचित रह जाते हैं। कोर्ट ने यूपीएससी को निर्देश दिया था कि वह स्वयं राज्य सरकारों से नाम मांगे।

कौन बन सकता है पंजाब का अगला स्थायी डीजीपी?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंजाब में इस समय 17 अधिकारी डीजीपी रैंक पर कार्यरत हैं। इनमें संजीव कालड़ा सबसे वरिष्ठ हैं। पर उनकी सेवानिवृत्ति 28 फरवरी को हो रही है। शरद सत्य चौहान, हरप्रीत सिद्धू और कुलदीप सिंह का नाम भी चर्चा में है। वर्तमान कार्यकारी डीजीपी गौरव यादव का नाम भी पैनल में शामिल हो सकता है।

तीन साल से चल रही थी कार्यकारी नियुक्ति

पंजाब में पिछले साढ़े तीन साल से 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव कार्यकारी डीजीपी के पद पर हैं। उनकी नियुक्ति 4 जुलाई 2022 को हुई थी। राज्य सरकार ने यूपीएससी को नियमित नियुक्ति के लिए पैनल नहीं भेजा था। 2023 में पुलिस एक्ट में संशोधन कर यूपीएससी को बायपास करने का प्रयास भी किया गया। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बारे में अधिक जानकारी यहाँ प्राप्त कर सकते हैं। पंजाब पुलिस की आधिकारिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।
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