गैरसैंण सत्र को औपचारिकता बनाने की तैयारी, लोकतांत्रिक परम्पराओं की हो रही अनदेखी: यशपाल आर्य

नैनीताल, 27 फ़रवरी । नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने लगाया कि राज्य सरकार पर गैरसैंण में प्रस्तावित पाँच दिवसीय विधानसभा सत्र को सीमित समय में निपटाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी बजट सत्र के अनन्तिम कार्यक्रम से संकेत मिलता है कि सरकार सत्र को पूर्ण रूप से संचालित करने के बजाय औपचारिकता तक सीमित रखना चाहती है।

आर्य ने आपत्ति जताई कि सरकार राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन ही वित्त विधेयक प्रस्तुत करने की तैयारी में है, जबकि स्थापित संसदीय परम्परा के अनुसार वर्ष का पहला सत्र राज्यपाल के अभिभाषण से प्रारम्भ होकर उस पर विस्तृत चर्चा के बाद ही वित्त विधेयक लाया जाता है। उन्होंने कहा कि सामान्य बजट तथा विभागवार अनुदान मांगों पर भी पर्याप्त चर्चा का प्रावधान रहा है। अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड में अभिभाषण के दिन वित्त विधेयक प्रस्तुत करने की कोई परम्परा नहीं रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार बहुमत के बल पर बजट शीघ्र पारित कर सत्र को समय से पहले समाप्त कर जनता के मुद्दों और विपक्ष के प्रश्नों से बचना चाहती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सत्र कम से कम तीन सप्ताह चलाने तथा तीन सोमवार सुनिश्चित करने की मांग की गई थी, ताकि मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों के कार्यों पर प्रश्न पूछे जा सकें।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने रुख नहीं बदला तो विपक्ष इस विषय को सदन और जनता के बीच प्रमुखता से उठाएगा।