देहरादून, 28 फरवरी । होली के पावन अवसर पर कुमाऊंनी और गढ़वाली राठ होलियारों ने पारंपरिक अंदाज में होली का उत्सव मनाकर माहौल को रंगों और खुशियों से भर दिया। इस खास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और सभी ने मिलकर होली के पारंपरिक गीत गाकर और नृत्य कर त्योहार की खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम के दौरान होलियारों ने कुमाऊंनी और गढ़वाली संस्कृति से जुड़े पारंपरिक होली गीत प्रस्तुत किए। ढोल, मंजीरे और अन्य वाद्य यंत्रों की मधुर धुन पर कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। इन गीतों और संगीत ने पूरे माहौल को उत्साह और उमंग से भर दिया।
होली के इस आयोजन में शामिल लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं और आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस उत्सव का आनंद लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कुमाऊं और गढ़वाल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाना और नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ना था। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और समाज में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।
होली का यह रंगारंग आयोजन सभी के लिए यादगार बन गया। लोगों ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में खुशियां और सकारात्मकता फैलाने का काम करते हैं।